सिरसा। युवा जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला प्रेसवार्ता को संबोधित कर
सिरसा। युवा जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) में 1284 अभ्यर्थियों के चयन का मामला पूरी तरह से संदिग्ध है। इसकी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। वे रविवार को बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में मीडिया से रूबरू हो रहे थे।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 30 और 31 जुलाई 2024 को एचटेट के परिणाम में जिस प्रकार का घोटाला हुआ है। उससे बगैर पर्ची व बगैर खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में शामिल किए गए, उनके लिए न ही तो बायोमीट्रिक प्रकिया अपनाई गई और न ही सरकार ने इसमें कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए। इससे साफ है कि इस मामले में जमकर पर्ची व खर्ची भी चली। इस मौके पर जजपा के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा व जिला प्रेस प्रवक्ता अमर सिंह ज्याणी भी मौजूद रहे।
सीबीआई से जांच करवाने की मांग
दिग्विजय ने इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने बताया कि भिवानी बोर्ड के तत्कालीन सचिव ने इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से पारदर्शिता से तैयार कर घोषणा की स्वीकृति के लिए बोर्ड चेयरमैन के पास भेजा था। बोर्ड चेयरमैन ने इसे फिर से बोर्ड के पास न केवल वापस भेज दिया बल्कि सरकार ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से तबदील भी कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है तो जननायक जनता पार्टी इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि जब परिणाम पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद तैयार कर लिया गया तो इसे बोर्ड अध्यक्ष द्वारा क्यों रिकॉल करवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रात को 12 बजे बगैर किसी पूर्व घोषणा के परिणाम वेबसाइट पर डाल दिया गया तो जो संदेहास्पद है। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष पवन शर्मा के पिछले कार्यकाल का भी हवाला देते हुए कहा कि इनके खिलाफ भी राजस्थान में कई आपराधिक व भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपना गलत है।