डबवाली। 100 साल से ज्यादा पुराने स्वतंत्रता सेनानी वैद्य रामदयाल मेमोरियल राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नव-निर्माण कार्य शुरू होते ही विवादों में आ गया है। स्कूल में बने ऐतिहासिक खेल मैदान की जमीन पर नींव खोदने पर राजनीतिक लोगों, खिलाड़ियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की।
इसी स्कूल और मैदान से उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल, प्रकाश सिंह बादल और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जैसे दिग्गज नेताओं ने भी शिक्षा ग्रहण की। शहर के बीचों-बीच होने के कारण यह मैदान उन युवाओं के लिए वरदान है, जो दूर स्टेडियम तक नहीं पहुंच पाते हैं। पूर्व प्रिंसिपल सुरजीत मान और अन्य लोगों के प्रयासों से इस मैदान के एक हिस्से को पार्क का रूप दिया गया था। इसे भिवानी बोर्ड की डायरी के कवर पर भी स्थान मिला और पूरे राज्य में इसे पुरस्कार मिला था।
खिलाड़ी रवि, राजेश, सुनील, अंकित ने बताया कि डबवाली जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में, जहां युवा वर्ग नशे की गंभीर लत की चपेट में आता जा रहा है। वहां खेल मैदान युवाओं को सही दिशा में ले जाने का सबसे बेहतर जरिया है। मैदानों को खोदने से न केवल उनके दैनिक अभ्यास पर असर पड़ा है, बल्कि प्रतियोगी स्तर पर तैयारी कर रहे खिलाड़ियों का भविष्य भी अधर में लटक गया है।
खिलाड़ी राजवीर ने कहा कि हम सुबह-शाम इन्हीं मैदानों पर अभ्यास करते थे। अब हमें कहीं भी अभ्यास करने की जगह नहीं मिल रही है। इस सदी पुराने स्कूल में बरगद और पीपल जैसे हरे-भरे, सदी पुराने पेड़ भी हैं, जिनके नीचे हजारों बच्चों ने शिक्षा ग्रहण की है। हरियाणा सरकार एक ओर पेड़ों को पेंशन दे रही है, वहीं दूसरी ओर इन ऐतिहासिक वृक्षों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष गुरदीप कामरा ने इस फैसले की निंदा की है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
सूत्रों के अनुसार, स्कूल में फुटबाल मैदान के पास की जगह का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और फैसला स्कूल के खिलाफ भी आ सकता है। यही एक वजह बताई जा रही है कि स्कूल प्रशासन खेल मैदान पर निर्माण शुरू करवा रहा है। इसके अलावा, स्कूल में फायर सेफ्टी के लिए चारों ओर 20-20 फीट जगह छोड़ना भी अनिवार्य है। स्कूल में चल रहे नव-निर्माण कार्य के चलते स्कूल परिसर में स्थित बास्केटबाल और फुटबाल के मैदानों को तोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में गहरा रोष है।
वर्जन स्कूल के पुराने नक्शे में खेल का मैदान था। यदि ठेकेदार व मार्केटिंग बोर्ड ने काम सही जगह नहीं किया, तो वे इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। बच्चों के लिए मैदान बनाए जाते हैं, नष्ट नहीं किए जाते।
- आदित्य देवीलाल चौटाला, विधायक, डबवाली।
जितना एक जर्जर इमारत का निर्माण करना जरूरी है, उतना ही जरूरी खेल ग्राउंड भी है। डबवाली जैसे नशाखोरी वाले क्षेत्र में खेल स्टेडियम और खेल मैदान ज्यादा संख्या में बनाए जाने चाहिए। यदि खेल मैदान का नक्शे के अनुसार पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो वे इसका विरोध करेंगे।
- अमित सिहाग, पूर्व विधायक, डबवाली।
शताब्दी पुराने विद्यालय में भवन निर्माण पर उपजी आशंकाएं स्वाभाविक हैं। खेल का मैदान केवल खेल का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों की ऊर्जा, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यह पूरा विषय सरकार और शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया जाएगा। विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए यह मैदान आने वाले समय में और सशक्त स्वरूप लेगा।
- सतीश जग्गा, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा।
वर्जन : स्कूल का खेल मैदान खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि पुराने भवन की जगह भी खाली करवाई जाएगी। हम बच्चों की सुविधा और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक और सभी सुविधाओं से युक्त नए स्कूल भवन का निर्माण करवा रहे हैं।
- लक्ष्मण दास, बीईओ, डबवाली।