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Sirsa News: 12 घंटे लाइन में लगने के बाद भी 700 किसानों को मिली महज पांच-पांच बैग डीएपी खाद

Sun, 10 Nov 2024 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नेहरू पार्क में डीएपी खाद के टोकन लेने के लिए लाइनों में लगे हुए किसान। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। खाद की किल्लत से परेशान किसानों को डीएपी के लिए 12-12 घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। शनिवार को दो स्थानों पर करीब 12 घंटे कतार में खड़ा होने के बाद जिले के 700 किसानों को महज पांच-पांच बैग ही खाद मिल सकी। किल्लत से परेशान बड़े जोत वाले किसान कम समय का हवाला देते हुए विधायक से अधिक खाद दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।
गेहूं की बिजाई का समय समाप्त होने में महज महज छह दिन बाकी है। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि कहीं डीएपी के अभाव में गेहूं की बिजाई न पिछड़ जाए। बड़े जोत वाले किसान कम खाद मिलने से परेशान हैं। वे जोत का हवाला देकर 30-30 बैग डीएपी की मांग कर रहे हैं। शनिवार को पहले नेहरू पार्क में 700 किसानों को टोकन दिया गया। इसके बाद रेलवे यार्ड से टोकनधारी हर किसान को डीएपी के पांच पांच बैग दिए गए।
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सोसाइटियाें तक खाद पहुंचाने में लेटलतीफी का आरोप
किसानों का आरोप है कि शनिवार को सोसायटियों तक खाद पहुंचाने में लेटलतीफी की गई। शनिवार सुबह आठ बजे डीएपी का रैक आने के बाद भी शाम चार बजे तक सोसायटियों में खाद पहुंची। ऐसे में सोसायटियों के बाहर सुबह से लाइन में किसान बैठे नजर आए। शहर की अनाज मंडी में जगह नहीं होने के कारण किसानों को रेलवे यार्ड से ही डीएपी का उठान करवाया गया।

विधायक के पास पहुंचे बड़े किसान
पांच-पांच बैग ही खाद मिलने पर बड़े किसान विधायक गोकुल सेतिया के पास पहुंचे और खाद की व्यवस्था करवाने की मांग की। इस पर विधायक ने अधिकारियों को बड़े किसानों को रकबा के अधार पर स्टॉक आने पर अधिक डीएपी मुहैया करवाने को कहा।


अधिकारी बोले- जल्दबाजी न करें किसान, किसानों को लेट बिजाई पर कम उत्पादन का सता रहा डर
27500 मीट्रिक टन डीएपी आने के बाद भी किसानों की लाइनें नहीं टूट रही है। खाद की मारामारी को देखते हुए अधिकारी किसानों को जल्द न करने का सुझाव दे रहे हैं। वहीं किसान के पास गेहूं बिजाई के लिए एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। यदि 15 नवंबर तक किसानों ने गेहूं की बिजाई नहीं की तो गेहूं की आवक कम होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि कृषि अधिकारियों की मानें तो अभी तक मौसम गर्म बना हुआ है। ऐसे में एक सप्ताह आगे पीछे होने पर गेहूं की बिजाई पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।




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एक टोकन को अपडेशन में लगता है दो से चार मिनट का समय
अधिकारियों के अनुसार टोकन काटने में एजेंसी को दो से चार मिनट का समय लगता है। ऐसे में एक घंटे में 25 से 30 ही टोकन कट पाते हैं। प्रतिदिन 500 टोकन बांटने में खरीद केंद्र के कर्मचारियों को आठ घंटे से 10 घंटे का समय लगता है। यही कारण है कि सुबह टोकन बांटने के बाद भी देर शाम तक किसानों को डीएपी मिल पाती है।

बॉक्स

कुछ यूं दिखा रेलवे यार्ड का नजारा

- सोसायटियों को जाने वाली खाद भी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में छुपाकर ले जाई जा रही थी ताकि किसानों को पता न चले कि कितनी खाद आई है।
- जहां किसान एक-एक बैग के लिए 12-12 घंटे लाइन में लगा हुआ है। वहीं ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर के आगे दो बैग डीएपी रखकर बैलेंस बनाते हुए नजर आए।

- उपायुक्त के आदेश पर रेलवे से सोसायटियों तक माल पहुंचाने वाले अधिकारी परेशान नजर आए। जिन सोसायटियों को खाद भेजी जानी थी, उन्हें फोन कर बार बार वाहन उपलब्ध करवाने को कहने में व्यस्त रहे।


कोट्स
डीएपी अब निरंतर आती रहेगी। किसानों को डीएपी की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। शनिवार को 700 टोकन किसानों को बांटे गए हैं। सोसायटियों में भी खाद पहुंची है। किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए पूरी खाद मिलेगी। - अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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बड़े किसानों को अभी तक पूरी खाद नहीं मिल रही है। 30 एकड़ वाले व्यक्ति को 2 से पांच बैग खाद के मिलते हैं तो वह बिजाई कहां से कर पाएगा। इसको लेकर अधिकारियों को मैसेज किया था कि बड़े किसानों को भी बिजाई के लिए जरूरत के हिसाब से खाद उपलब्ध करवाएं ताकि वे बिजाई कर सके। - गोकुल सेतिया, विधायक।

नेहरू पार्क में डीएपी खाद के टोकन लेने के लिए लाइनों में लगे हुए किसान। संवाद

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