संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से एक साल से ज्यादा वक्त से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वर्ष 2025 अगस्त व सितंबर माह में आखिरीबार एचएसवीपी ने सात ग्रीन बेल्टों पर कब्जा करने वाली संस्थाओं को नोटिस जारी किया था।
उसके उपरांत कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। इसका खुलासा समाजसेवी करतार सिंह की मांगी गई आरटीआई में हुआ है। आरटीआई में सामने आया है कि ग्रीन बेल्ट को लेकर अवैध निर्माण को प्रशासन कितना गंभीर है।
समाजसेवी करतार सिंह ने बताया कि जनता भवन रोड, डबवाली रोड और रानियां रोड पर सार्वजनिक व ग्रीन बेल्ट पर संस्थाओं ने धर्म व समाज के नाम पर बड़े स्तर पर कब्जा किया हुआ है। करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन ये लोग बैठे हैं।
इनको किसी प्रकार की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं है। इतना ही नहीं, एक साल से एचएसवीपी और नगर परिषद दोनों ही इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ग्रीन बेल्ट, पार्कों व सार्वजनिक जगहों पर आमजन के घूमने व चलने की सुरक्षित जगह हो।
नगर परिषद और पूर्व सांसद की ग्रांट के माध्यम से पैसा खर्च किया गया है। एक करोड़ से ज्यादा पैसा कुछ ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए किया गया है। पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल की ओर से संत कबीर वाटिका में ग्रांट जारी की गई थी।
इसके अलावा, 40 लाख के आसपास पैसा नगर परिषद ने पिछले साल लगाया था। इसमें इंटरलाकिंग टाइलों से आधी ग्रीन बेल्ट पर फर्श बना दिया गया। लाइटें लगाई गईं और फुटपाथ व गेट बनाए गए। अब इन फुटपाथ के माध्यम से वाहनों के लिए पार्किंग बन गई है। श्याम बगीची में पैसा लगा है। वर्ष 2026 में ही श्री श्याम गोशाला में बड़े स्तर पर निर्माण हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के आदेशों का हवाला नोटिस में किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक स्थानों पर मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारों आदि का निर्माण नहीं किया जा सकता है।