बिजली मंत्री के निजी सचिव को मांग पत्र सौंपते दमकल और सफाई कर्मचारी।
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लंबित मांगों को लेकर दमकल और सफाई कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के आवास का घेराव करने के लिए निकल पड़े। कर्मचारियों को आवास के घेराव से रोकने व किसी भी तरह के हंगामे से बचने के लिए बिजली मंत्री के निजी सचिव ने बीच रास्ते में पहुंच कर्मचारियों का मांग पत्र लिया और कर्मचारियों को वापस भेज दिया।
वीरवार को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले दमकल और सफाई कर्मचारी झाडू़ लेकर बस स्टैंड के समक्ष स्थित पार्क में एकत्र हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ प्रधान मदन लाल खोथ ने की। कर्मचारी काफी समय तक पार्क में प्रदर्शन करते रहे। जिसके पश्चात प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी बाल भवन के पास पहुंच गए। यहां पर कर्मचारियों का मांग पत्र लेने के लिए बिजली मंत्री के निजी सचिव जगसीर सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यवान, सिविल थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह, यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बहादुर सिंह पहुंच गए। वहीं फायर विभाग के जिला प्रधान राजेश खिचड़, मदनलाल खोथ, राजेश भाकर, महेंद्र शर्मा, मनोज अटवाल, स्टेट महासचिव फायर सुखदेव सिंह, उपप्रधान हरजिंद्र सिंह, प्रकाश चंद्र जिला कैशियर, कृष्णा रानी, अरुण परोचा ने बताते हुए कहा कि कर्मचारी काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन विभाग व सरकार गौर नहीं कर रहे हैं। कोविड काल के दौरान भी इन कर्मचारियों ने प्रथम पंक्ति में रहकर अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों की सेवा की। इसके बाद भी सरकार की ओर से कर्मचारियों के साथ भेदभाव की रणनीति अपनाई जा रही है।
ये रही कर्मचारियों की मांगें
कच्चे सफाई कर्मचारी व फायर कर्मचारी का समान काम समान वेतन लागू करना। कच्चे सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार भत्ते व वेतन देना। पक्के कर्मचारियों को एलटीसी देना। कच्चे कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड बनवाना। 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता देना। सरकार के पत्र अनुसार सैनिटाइज द्वारा जख्मी कर्मचारियों की सहायता राशि 20 हजार रुपये देना। दमकल केंद्र की गाड़ी जो कुछ दिन पूर्व पलट गई थी, उसकी कोटेशन मंगवाकर कार्य करवाना।