संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रविवार रात के समय गांव सहारणी में घग्गर का तटबंध ओवरफ्लो हो गया और बीच में दरार आ गई। आसपास के गांव वासियों ने गांवों को खाली कर दिया है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एक अतिरिक्त एनडीआरएफ टीम बुलाई है। इसके साथ ही मशीनें और ट्रैक्टर ट्राॅलियों से बड़े तटबंध को मजबूत किया जा रहा है। सिरसा के केलनियां में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की घग्गर में डली हुई पाइप लाइन से अब पानी शहर की तरफ आ रहा है। इसके गेट बंद नहीं हो पा रहे हैं।
सहारणी और नेजाडेला कलां के पास छोटा तटबंध टूटने के कारण पानी अब बड़े तटबंध ओवरफ्लो हो रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों ने 10 घंटे तक मिट्टी डालने का कार्य किया और तटबंधों को मजबूत व ऊंचा किया है। प्रशासन की ओर से घग्गर नदी पर राहत व बचाव कार्यों के लिए 11 पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों में से चार मशीनें राजस्थान कैनाल स्थित साइफन पर लगाई गई हैं। इसके अलावा तटबंधों पर 25 से अधिक जेसीबी मशीनें व काफी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाई गई हैं। ग्रामीण के सहयोग से तटबंधों की मजबूती के लिए निरंतर कार्य किया। राहत व बचाव कार्य तेजी से चलाने के लिए एनडीआरएफ की अब एक अतिरिक्त यूनिट भी बुलाई गई है।
400 से अधिक कर्मचारी-अधिकारी ड्यूटी पर तैनात
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि इस समय 400 से अधिक कर्मचारी, अधिकारी ड्यूटी पर दिन-रात तैनात हैं। वहीं डेरा सच्चा सौदा की टीम की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में खाने पहुंचाने, सामान बाहर निकालने सहित पानी से बचने के लिए बांध मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है।
केलनियां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से वापस आने लगा पानी, स्थिति हुई खराब
गांव केलनियां में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। यहां से पानी घग्गर नदी में डाला जाता है। घग्गर का जल स्तर बढ़ने के कारण पानी वापस सीवरेज लाइन में आ रहा है। मशीन फेल होने के कारण यह गेट बंद नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि किसानों की ओर से पानी निकालकर खेतों की सिंचाई भी की जा रही है।
भंभूर के पास से वापस घग्गर में डाला जा रहा है पानी
मीरपुर से घग्गर का छोटा बांध टूटने के बाद पानी अहमदपुर, केलनियां के खेतों से होते हुए भंभूर तक पहुंच गया। यहां पर घग्गर का बहाव नीचे होने के कारण आसपास के किसानों ने वहां छोटा बांध बनाकर पानी की निकासी घग्गर में ही करनी शुरू कर दी है।
पांच किलोमीटर की दूरी, पानी के कारण 35 किलोमीटर तक करना पड़ रहा सफर
घग्गर नदी के बीच से आने जाने के लिए कई गांव वासियों ने पुल बना रखे थे। गांव पनिहारी क्षेत्र के सभी गांवों का दूसरी तरफ के गांवों से संपर्क टूट चुका है। जिन गांवों की चार से पांच किलोमीटर की पहले दूरी थी। इनकी दूरी बढ़कर 30 से 35 किलोमीटर तक हो गई है। बुर्ज कर्मगढ़ गांव के रास्ते पर अब दो से तीन फुट तक जलभराव हो गया है। ग्रामीणों को ट्रैक्टर के माध्यम से ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
लोगों के खाने और पशुओं के हरे-चारे की भी दिक्कत
बुर्जकर्मगढ़ के किसान राम सिंह ने बताया कि यहां पर उन्होंने पशुओं के लिए हरे चारे की बिजाई की थी। अब पानी भर चुका है। इसके कारण पशुओं को तुड़ी डालकर काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने खतरे को देखते हुए पहले ही तैयारी कर ली थी। तीन से चार दिनों तक काम चल गया। खुद के खाने के लिए भी अब स्थिति खराब हो रही है। हालांकि रोड पर ट्रैक्टर के माध्यम से आवाजाही की जा रही है। उनका मकान गांव में ऊंचाई पर होने के चलते पानी पहुंचने का अभी तक खतरा नहीं है।