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Sirsa News: मल्लेवाला के पास घग्गर नदी व बाजेकां के पास रंगोई नाला टूटा

Sat, 22 Jul 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सच्चे संकट मोचक : चामल में पास साइफन के तटबंध को मजबूत करते डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी। विज्ञ​प
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सिरसा। रंगोई नाले के टूटने व घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते सिरसा में बाढ़ के हालात काफी नाजुक हो गए हैं। सिरसा में गांव बुढाभाणा व मल्लेवाला के बीच घग्गर नदी का तटबंध टूट गया और पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगा। इसके अलावा बाजेकां के पास रंगोई नाला व छोटी चामल के पास साइफन का तटबंध टूट गया।
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सिरसा शहर से दो किलोमीटर दूरी पर बाढ़ का पानी आया हुआ है और यहां पर बड़े-बड़े बांध लगाए गए हैं, ताकि शहर में पानी ना घुस सके। सिरसा में गांव बुढ़ाभाणा व मल्लेवाला के पास घग्गर नदी के तटबंध पर करीब 100 फुट का कटाव हो गया। देखते ही देखते पानी के बहाव ने साथ लगती सैकड़ों एकड़ फसल को अपनी चपेट में ले लिया। पानी अब रिंग तटबंध तक पहुंच गया। सूचना के बाद जिला उपायुक्त डॉ. पार्थ गुप्ता सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी गांव बुढ़ाभाणा की तरफ न जाए इसके लिए अधिकारियों ने मल्लेवाला से नेजाडेला कलां वाया सिरसा जाने वाली सड़क को तुड़वाया।

इसके अलावा गांव बाजेकां के पास रंगोई नाले में कटाव आ गया, जिस कारण 100 एकड़ खेत तक पानी पहुंच गया। इसे भी समय रहते बंद कर दिया गया। छोटी चामल के पास साइफन में भी कटाव आ गया और पानी रत्ताखेड़ा माइनर तक चला गया। डेरा सच्चा सौदा के लोगों ने इस कटाव को देर शाम तक बंद कर दिया है।
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गुहला चीका में पानी का जलस्तर हुआ कम

परेशानी की बात यह है कि फतेहाबाद की ओर बाढ़ का पानी कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। इस पानी को गांव खान मोहम्मद के पास दो जगह से मुंशीवाली माइनर को तोड़कर सिरसा की ओर छोड़ दिया गया है। यह पानी करनौली होते हुए डिंग व सिरसा की ओर बढ़ रहा है। वहीं, सिरसा में घग्गर में पानी का जलस्तर घटकर 50 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। गुहला चीका में पानी का जलस्तर तो कम हुआ है, लेकिन पहाड़ों में हुई बारिश के कारण एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की संभावना बन गई है।



30 गांवों के साथ लगा घग्गर नदी का पानी

सिरसा के 49 गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं 30 गांवों के साथ घग्गर का पानी लग चुका है। अब तक 19 हजार एकड़ में बाढ़ का पानी घुस चुका है। पानी की रफ्तार हालांकि कम हुई है और घग्गर में फिलहाल 50 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।


यह है घग्गर की स्थिति

स्थान, क्यूसेक



गुहलाचीका, 28964

खनौरी, 13000



चांदपुरा, 17300

सरदूलगढ़, 54860



ओटू हेड , 40350

राजस्थान साइफन, 23550



रंगोई नाला , 11110


मंगाला डायरेक्ट सब माइनर के हेड गेट को नुकसान पहुंचाने पर दो आरोपियों पर केस दर्ज
सिरसा। मंगाला डायरेक्ट सब माइनर के हेड के गेट को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आत्मा राम भांभू ने बताया कि ढाणी गुरुनानकसर गांव ओटू निवासी गुरवंत सिंह उर्फ पप्पू व महेंद्र सिंह ने घग्घर नदी पर बने मंगाला डायरेक्ट सब माइनर के हेड के गेट को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आमजन से आह्वान किया है कि नागरिक आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का प्रयास है कि जनता के जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित हो और बाढ़ आपदा से आपसी सहयोग से निपटाया जा सके।

100 से ज्यादा ट्रैक्टरों सहित 1400 लोग मत्तड़ के पास घग्गर नदी के तटबंध को बना रहे हैं मजबूत
रोड़ी क्षेत्र के गांव मत्तड़ के पास घग्गर का तटबंध टूटने की कगार पर है। लोग मिट्टी लगाकर तटबंध को मजबूत कर रहे हैं। करीब 100 से ज्यादा ट्रैक्टरों सहित लगभग 1400 लोग तटबंध को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं। हालांकि घग्गर में जलस्तर कम होने के चलते लोगों ने राहत की सांस ली। पानी की गति तेज होने के चलते मिट्टी पानी में बहती जा रही है।


दो दिन तक बारिश के आसार

शनिवार को एक तरफ जहां मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं दूसरी ओर बारिश होने की आशंका से लोग परेशान नजर आए। आईडीएम के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक बारिश आने के आसार हैं। बारिश आती है तो घग्गर नदी का जल स्तर बढ़ जाएगा और बाढ़ की स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी। शनिवार को अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की गिरावट हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया।



घग्गर नदी के दोनों ओर के बांधों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। कहीं पर भी लीकेज की सूचना मिलती है तो वहां पर बांध को पाटने व मजबूत करने की दिशा में काम किया जाता है। कई जगहों पर गांवों में पहले से ही मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां, मिट्टी के कट्टे आदि तैयार रखे जाते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी को रोकने का काम शुरू किया जा सके। जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सक्रिय है। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, फतेहाबाद।
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