सिरसा। नागरिक अस्पताल में मंगलवार दोपहर 12 बजे बिजली की सप्लाई बाधित हो गई। जनरेटर से बिजली सप्लाई शुरू करने के लिए कोई कर्मचारी न होने के कारण मरीजों को करीब डेढ़ घंटे तक गर्मी व उमस से परेशान होना पड़ा। भवन में गर्मी अधिक होने के कारण ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे डॉक्टर भी बाहर चले गए।
बीते पांच दिनों से स्वास्थ्य विभाग में ठेकारत कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों ने अब इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करना शुरू कर दिया है। जिसके कारण अब अस्पताल में बिजली, प्लंबर, सफाई और डाटा एकत्र करने संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार को चार बार नोटिस देकर नए कर्मचारियों को भेजने या पुराने कर्मचारियों से समझौता करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार ने विभाग को न तो कर्मचारी दिए है और न ही पुराने कर्मचारियों के साथ समझौता किया है। जिसका खामियाजा नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों के साथ ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आए मरीजों, डॉक्टर्स और कर्मचारियों को भी झेलना पड़ रहा है। कोई कर्मचारी नहीं होने से अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक बिजली बाधित रही। जिस कारण अस्पताल के सभी कार्य रुक गए। इस दौरान और मरीज बाहर अस्पताल के बरामदे में खड़े होकर बिजली आने का इंतजार करते हुए नजर आए।
धरना स्थल से टेंट हटवा बनाया पार्किंग प्वाइंट, कर्मचारियों ने रोड पर दिया धरना
स्वास्थ्य विभाग में ठेकारत कर्मचारियों का धरना मंगलवार पांचवें दिन भी जारी रहा। धरनारत कर्मचारी सुबह अस्पताल में पहुंचे तो धरना स्थल से टेंट उखड़ा मिला और वाहन खड़े मिले। जिसके बाद कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल के गेट के सामने रोड की एक तरफ का रास्ता बंद कर धरना दे दिया। कर्मचारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें रोड जाम करने पर मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि रात को सीएमओ और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका टेंट हटवा दिया। मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन लाल खोथ, सचिव राजेश भाकर, आंगनबाड़ी वर्कर्स की जिला प्रधान कृष्णा दहिया, उपप्रधान सरला, ब्लॉक प्रधान शकुंतला जागलान, आउटसोर्सिंग यूनियन की जिला प्रधान सुमित्रा, ब्लॉक प्रधान अमित कुमार, सचिव सुरेंद्र कुमार व सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का विभाग ने मुख्यालय को भेजा नोटिस
ठेकारत कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण अस्पताल में कई तरह के कार्य बाधित हो चुके हैं। ठेकेदार को पत्र लिखने के बाद भी अस्पताल में कर्मचारी न तैनात किए जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय को ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरतने और कार्रवाई किए जाने को लेकर पत्र लिखा है। अस्पताल में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। अस्पताल के करीब 150 कर्मचारी हड़ताल पर है, लेकिन ठेकेदार ने केवल 10 सफाई कर्मचारी ही तैनात किए हैं। जिसके कारण मरीजों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दस्तावेजों, अस्पताल की पर्ची से हवा करते हुए नजर आए मरीज
अस्पताल में डेढ़ घंटे तक बिजली बाधित होने के कारण मरीज दस्तावेजों, अस्पताल की पर्ची के साथ हवा करते हुए नजर आए। अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में दाखिल गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाएं न तो खड़ी होकर बाहर जा सकती थी और न ही बाहर धूप में जा सकतीं थी। महिलाओं के साथ आए परिजन दुपट्टे और दस्तावेजों की फाइल से शिशुओं और महिलाओं को हवा देते हुए नजर आए।
अस्पताल में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना ठेकेदार का काम है। ठेकेदार को कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं भेजा है। अस्पताल अपने स्तर पर ही कर्मचारियों को तैनात कर रहा है। बिजली कर्मचारी भी हड़ताल पर होने के कारण जनरेटर नहीं चल पाया। लापरवाही के कारण ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है।
-डॉ. संदीप गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल
नागरिक अस्पताल में बिजली न होने के कारण बाहर खड़े मरीज। - फोटो : Sirsa
नागरिक अस्पताल के समक्ष रोड पर धरना देकर बैठक स्वास्थ्य ठेकारत कर्मचारी । - फोटो : Sirsa