सिरसा। जिले में जिन जिन गांवों से होकर घग्गर नदी गुजरती है। घग्गर के बहाव में आने वाले उन सभी क्षेत्रों की बिजली नियमित रूप से कट कर दी गई है ताकि कोई हादसा न हो।
खासतौर ट्यूबवेल मोटरों के लिए छोड़ी जाने वाली बिजली पूरी तरह से बंद है क्योंकि कई गांवों में हजारों एकड़ भूमि जलमग्न है। इनमें 300 के आसपास बिजली संचालित टयूबवेल होंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14 के करीब ऐसे गांव का इलाका है जहां-जहां घग्गर का कटाव हुआ है वहां शुक्रवार से बिजली बाधित है।
पिछले दो सप्ताह से बारिश रुक-रुक कर हो रही है। बारिश के कारण जलभराव होने से फसलें बर्बाद हो चुकी है। इन फसलों के बीच में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगे हुए है। इनमें अधिकतर बोरवेल मोटर सप्लाई की लाइन है। विभाग न हादसा न होने की सूरत में इन लाइनों की सप्लाई पूर्ण रूप से बंद कर दी है। इतना ही नहीं, घग्गर के पास लगते गांव व ढाणियों की सप्लाई को काट दिया गया है जहां जलभराव हुआ है। चोपटा क्षेत्र में कई लोग अपनी ढाणियों को छोड़कर जा चुके हैं। उन क्षेत्रों में भी लाइन को बंद कर दिया गया।
मुख्य रूप से गांव पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई, छोटी फरवाई, नेजाडेला , मल्लेवाला, बुढ़ाभाना, नागोकी, खैरेकां, मीरपुर , अहमदपुर, सुखचैन, केलनियां, झोरड़नाली, खोबाढाणी, पुरानी केलनियां व धनूर आदि गांव बाढ़ के कारण प्रभावित है।