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नए बिजली मीटरों का विरोध, टीम बैरंग लौटी

Mon, 18 Jan 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला डबवाली (सिरसा)
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बिजली दरों के साथ फ्यूल चार्जेज बढ़ाने के कारण उपभोक्ताओं के बहिष्कार का सामना कर रहे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने शहर डबवाली में बिजली मीटरों को बदलने का काम शुरू कर दिया है।
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निगम का कहना है कि पुराने मीटरों के स्थान पर डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं। पूरा खर्च निगम उठा रहा है। लोग विरोध में उतर आए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार घाटा पूरा करने के लिए बिजली की दरों और फ्यूल चार्जेज में वृद्धि करने का दावा कर रही है। फिर भला फ्री में मीटर कैसे बदल सकती है?

रविवार को दुर्गा मंदिर एरिया में बिजली निगम के जेई राजेश कुमार बिजली मीटर बदलने के लिए पहुंचे। टीम ने अभी कार्रवाई शुरू की थी कि लोग जुटना शुरू हो गए। रवि कुमार, काका, रिंकू, चिमन लाल, अतरचंद, बिट्टू, शेर सिंह, ज्योति राम, विक्रम, सुरेश कुमार ने टीम से जवाबतलबी शुरू कर दी। लोगों ने मीटर बदलने का कारण पूछा।
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टीम ने बताया कि शहर डबवाली में इलेक्ट्रो मेकेनिकल मीटर लगे हुए हैं, उन्हें बदला जा रहा है या फिर जो मीटर डिफेक्टिव हैं, उनकी जगह भी नए मीटर लगाए जा रहे हैं। लोगों ने फिर पूछ लिया कि क्या उनके मीटर खराब हैं? टीम बोली, ओके हैं। लोगों ने टीम को घेर लिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बिजली निगम को घाटे से उभारने का दावा करते हुए अनाप-शनाप चार्जेज लगाकर बिजली बिल भेज रही है, जिसके चलते बिलों का बहिष्कार हो रहा है। अब मीटर बदलकर उन पर पुन: चार्जेज थोपने की तैयारी कर ली है।

टीम ने लोगों को समझाते हुए कहा कि नए मीटर के उनसे पैसे नहीं लिए जाएंगे। लोगों ने पूछ लिया पुराना मीटर कहां जाएगा? कबाड़ में जाएगा? एक मीटर की कीमत क्या है? अगर सरकार को घाटे की चिंता है तो फिर मीटर बदलने के पैसे सरकार के पास कहां से आए? टीम ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। विरोध के चलते टीम कार्य बीच में ही रोककर निकल गई।

एसई ने गोद लिया डबवाली
शहर डबवाली को एसई आरके वर्मा ने गोद ले रखा है। वे बिजली चोरी रोकने के लिए प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं। आरके वर्मा के अनुसार मेकेनिकल मीटरों से छेड़छाड़ हो सकती है, लेकिन डिजिटल मीटर टैंपर नहीं होते। बिजली चोरी रोकने में यह लाभदायक साबित हो सकते हैं।

पूर्व सरकार में भी बिजली मीटर बदले गए थे। अब पुन: सरकार नई तकनीक का हवाला देकर मीटर बदल रही है। सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचा रही है। इसका बोझ जनता पर ही डालेगी। जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। -रणवीर राणा, पूर्व चेयरमैन, नगर सुधार मंडल, डबवाली

इलेक्ट्रो मेकेनिकल मीटर की जगह इलेक्ट्रॉनिक्स मीटर (डिजिटल) लगाए जा रहे हैं। सरकार ने 10-11 कंपनियों की सूची भेजी है। उन कंपनियों के मीटर भी बदले जा रहे हैं। लोगों से एक पाई भी नहीं ली जा रही। एक मीटर करीब 1200 से 1300 रुपये का है। -आरके वर्मा, एसई, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, डबवाली
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