पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 19 अक्तूबर को सिरसा के मल्लेकां में रैली की थी। लेकिन यह रैली भी भाजपा को पांच विधानसभा सीटों में से किसी पर भी कमल नहीं खिला पाई। इस रैली में पीएम ने 45 मिनट भाषण दिया था। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी 2014 में सिरसा के हुडा ग्राउंड में पांचों विधानसभा सीटों के लिए रैली की थी। लेकिन तब भी भाजपा को कोई सीट नहीं मिली। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मल्लेकां रैली रद्द हो चुकी थी। जबकि पिछले विधानसभा चुुनावों में पांच सीट दर्ज करने वाली इनेलो एक सीट पर ही सिमट गई।
डबवाली व ऐलनाबाद में दूसरे नंबर पर रही भाजपा
जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा लड़खड़ा चुकी थी। ऐलनाबाद व डबवाली में भाजपा उम्मीदवारों की विजेता उम्मीदवारों के साथ सीधी टक्कर थी। ऐलनाबाद सीट पर भाजपा दूसरे नंबर पर और कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। जबकि डबवाली में भाजपा दूसरे नंबर पर रही। कांग्रेस पहले पर। डबवाली में इनेलो चौथे नंबर पर रही। जबकि कालांवाली में कांग्रेस पहले पर और भाजपा तीसरे नंबर पर रही। वहीं रानियां में तीसरे नंबर पर भाजपा रही और कांग्रेस पांचवें नंबर पर रही। इनेलो चौथे नंबर पर रही। सिरसा में तीसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार रहा।
2014 में कांग्रेस का नहीं खुला था खाता
2014 में कांग्रेस को जिले में एक भी सीट नहीं आई थी। लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस को डबवाली व कालांवाली से दो सीटें जीतीं। डबवाली सीट पर कांग्रेस का भाजपा से तो कालांवाली सीट पर कांग्रेस का शिअद से मुकाबला रहा। ऐसे में जिले में कांग्रेस के ग्राफ में सुधार हुआ।
दस सीटें लेने वाली जेजेपी केवल डबवाली में तीसरे नंबर पर
प्रदेश में दस सीटों लेने वाली जननायक जनता दल के उम्मीदवार जिले में डबवाली में तीसरे नंबर पर रहा। जेजेपी ऐलनाबाद में चौथे नंबर पर रही। रानियां में छठे नंबर पर। कालांवाली में जेजेपी उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहा। वहीं सिरसा में जेजेपी उम्मीदवार पांचवें स्थान पर रहा।
पांच विधायकों वाली इनेलो एक पर सिमटी
2014 विधानसभा चुनावों में इनेलो के जिले में पांच विधायक थे। लेकिन 2019 के विधानसभा चुनाव आते-आते इनेलो के दो विधायक भाजपा में शामिल हो गए। जबकि शिअद का एक विधायक भी भाजपा में चला गया। इनेलो से जेजेपी के गठन के कारण नैना चौटाला उसमें शामिल हो गई। ऐसे में 2019 में इनेलो को अपने जिले में एक ही सीट मिली। इनेलो तीन पर चुनाव लड़ रही थी, जबकि सिरसा में निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल सेतिया को समर्थन दिया था। जबकि कालांवाली सीट शिअद को समर्थन दिया था।