एक अगस्त 2018 को तत्कालीन चेयरपर्सन शीला सहगल को हटाने के बाद विजयी चिन्ह बनाते हुए पार्षद। फाइल फो?
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सिरसा नगर परिषद की चेयरपर्सन के चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सात अप्रैल का दिन तय किया है। प्रशासन ने सभी 31 पार्षदों, विधायकों और सांसद को मतदान में हिस्सा लेने के लिए पत्र भेजा है। ऐसे में चेयरपर्सन पद पर काबिज होने के लिए भाजपा और हलोपा ने तैयारी शुरू कर दी है। करीब 30 माह के लंबे अंतराल के बाद सिरसा नगर परिषद की रिक्त महिला चेयरपर्सन के लिए चुनाव होगा। हालांकि इससे पहले 11 अगस्त 2020 को सिरसा नगर परिषद के चेयरपर्सन के चुनाव के लिए प्रशासन ने तारीख तय की थी, लेकिन पार्षद बलजीत कौर द्वारा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे हासिल करने के बाद चुनाव स्थगित हो गया था।
पार्षद बलजीत कौर ने कोर्ट से लिया था स्टे, ऐन वक्त पर टल गया था चुनाव
सिरसा नगर परिषद के 31 वार्ड हैं। इन वार्डों के पार्षदों द्वारा चेयरपर्सन का चुनाव किया जाना है। इससे पहले भाजपा की पहली महिला चेयरपर्सन शीला सहगल के खिलाफ एक अगस्त 2018 को अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ था। उस समय भाजपा के नौ, हलोपा के पांच, कांग्रेस के पांच और निर्दलीय तीन पार्षद थे। हालांकि 11 अगस्त 2020 में प्रशासन की ओर से चुनाव की तिथि घोषित की गई थी, लेकिन ऐन मौके पर पार्षद बलजीत कौर द्वारा उच्च न्यायालय से स्टे हासिल करने की वजह से चुनाव टालना पड़ा था। वहीं वार्ड 29 की पार्षद ज्ञानादेवी के नौ अप्रैल 2020 निधन के बाद 27 दिसंबर 2020 को उपचुनाव हुआ था, निशा बजाज ने जीत हासिल की थी। नगर परिषद सिरसा का कार्यकाल अब महज सात माह का शेष रह गया है और नए चेयरपर्सन का कार्यकाल केवल छह माह का ही होगा। सितंबर-2021 में इसका कार्यकाल पूरा होना है।
सांसद और एमएलए भी करेंगे वोट
नगर परिषद की चेयरपर्सन के चुनाव में सिरसा से लोकसभा सीट से सांसद सुनीता दुग्गल और सिरसा विधानसभा सीट से विधायक गोपाल कांडा भी वोट डाल सकेंगे। पिछली बार विधायक व सांसद इनेलो के थे। दोनों का ही वोट भाजपा प्रत्याशी शीला सहगल को प्राप्त हुआ था। शीला सहगल सेतिया गुट से थीं।
वर्जन
पार्षदों को चुनाव के लिए पत्र भेज दिया गया है। सात अप्रैल को चुनाव होगा।
- संदीप सोलंकी, ईओ, नगर परिषद सिरसा।