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Sirsa: आठ दिन बाद टंकी पर चढ़े किसानों की बिगड़ी सेहत, बीमा क्लेम की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी

Wed, 09 Aug 2023 08:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चोपटा/सिरसा (हरियाणा)

सार

बीमा क्लेम की मांग को लेकर नारायण खेड़ा में 110 फु़ट ऊंची टंकी पर चढ़े चार किसानों को आठ दिन हो गए। टंकी पर चढ़े किसानों को चक्कर आ रहे हैं। वहीं नीचे धरने पर बैठे सरपंचों की भी तबीयत बिगड़ रही है। हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान और पंजाब से किसान समर्थक पहुंचने लगे हैं।
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किसानों के धरने को संबोधित करते डाॅ.अशोक तंवर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बीमा क्लेम की मांग को लेकर आठ दिन बाद गांव नारायण खेड़ा में जलघर की 110 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े चार किसानों की सेहत बिगड़ने लगी है। दूसरी ओर, टंकी के नीचे 13 किसान व सरपंच आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इनमें से कुछ सरपंचों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है व वजन भी घट रहा है।

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बुधवार को इनेलो नेता करण चौटाला, जयवीर गोदारा, किसान नेता सिकंदर रोड़ी, आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, डॉ.वीरेंद्र सिवाच, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रवि आजाद, गोकुल सेतिया, सज्जन सोनी, लीलूराम डूडी, दौलत चौधरी, प्रकाश ममेरां सहित कई पार्टियों और संगठनों के नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया।

टंकी पर चढ़े किसान भरत सिंह ने बताया कि अब तो लगने लगा है कि सरकार किसानों की जान लेकर ही बीमा देगी। पानी की टंकी पर किसानों को चक्कर आ रहे हैं। रात के समय काफी तकलीफ झेलनी पड़ती है। नींद भी नहीं आ रही है। यहां पर कबूतरों द्वारा फैलाई गई गंदगी से बदबू आ रही है।

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किसानों को नहीं दिया जा रहा हक : तंवर
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. अशोक तंवर ने कहा कि किसानों को अभी तक वर्ष 2022 में हुई फसल का बीमा नहीं मिला है। किसान अपना हक मांग रहे हैं, मगर उनको हक नहीं दिया जा रहा है। यह किसानों के साथ धोखा है। सरकार को तत्काल प्रभाव से किसानों की मांग माननी चाहिए।

ट्रैक्टर ट्राॅली से पहुंचे रहे हैं किसान
टंकी पर चढ़े किसानों की सूचना दूसरे किसानों को जैसे जैसे मिल रही है। वैसे-वैसे हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व अन्य स्थानों से ट्रैक्टर व वाहनों से किसान नारायण खेड़ा गांव में पहुंचने लगे हैं। किसानों ने जलघर के अंदर टेंट भी लगाया हुआ है। किसान दिनभर नारेबाजी कर प्रदर्शन कर रहे हैं। महिलाएं पारंपरिक गीत गाकर सरकार को कोस रही है।
 

इन-इन सरपंचों का घटा वजन
आमरण अनशन पर बैठी सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल का 4 किलोग्राम, सुभाष कासनियां का 2.5 किलोग्राम, मांगेराम बैनीवाल का 6 किलोग्राम, उदयपाल ढिल्लो का 3.5 किलोग्राम, अशोक बैनीवाल का 3.5 किलोग्राम, मुकेश इंदलिया का 4 किलोग्राम, विनोद बांगड़वा का 3 किलोग्राम, ओमप्रकाश धुडिय़ा का 3.5 किलोग्राम, नंदलाल ढिल्लों का 3 किलोग्राम, सतबीर का 3.5 किलोग्राम, विजेंद्र का 3 किलोग्राम, देवीलाल का 4.4 किलोग्राम, महावीर का 4.5 किलोग्राम कम हो गया है। इसके साथ-साथ बीपी कम-ज्यादा की भी कई सरपंचों को दिक्कतें आ रही हैं।

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