बीमा क्लेम की मांग को लेकर आठ दिन बाद गांव नारायण खेड़ा में जलघर की 110 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े चार किसानों की सेहत बिगड़ने लगी है। दूसरी ओर, टंकी के नीचे 13 किसान व सरपंच आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इनमें से कुछ सरपंचों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है व वजन भी घट रहा है।
बुधवार को इनेलो नेता करण चौटाला, जयवीर गोदारा, किसान नेता सिकंदर रोड़ी, आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, डॉ.वीरेंद्र सिवाच, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रवि आजाद, गोकुल सेतिया, सज्जन सोनी, लीलूराम डूडी, दौलत चौधरी, प्रकाश ममेरां सहित कई पार्टियों और संगठनों के नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया।
टंकी पर चढ़े किसान भरत सिंह ने बताया कि अब तो लगने लगा है कि सरकार किसानों की जान लेकर ही बीमा देगी। पानी की टंकी पर किसानों को चक्कर आ रहे हैं। रात के समय काफी तकलीफ झेलनी पड़ती है। नींद भी नहीं आ रही है। यहां पर कबूतरों द्वारा फैलाई गई गंदगी से बदबू आ रही है।
इन-इन सरपंचों का घटा वजन
आमरण अनशन पर बैठी सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल का 4 किलोग्राम, सुभाष कासनियां का 2.5 किलोग्राम, मांगेराम बैनीवाल का 6 किलोग्राम, उदयपाल ढिल्लो का 3.5 किलोग्राम, अशोक बैनीवाल का 3.5 किलोग्राम, मुकेश इंदलिया का 4 किलोग्राम, विनोद बांगड़वा का 3 किलोग्राम, ओमप्रकाश धुडिय़ा का 3.5 किलोग्राम, नंदलाल ढिल्लों का 3 किलोग्राम, सतबीर का 3.5 किलोग्राम, विजेंद्र का 3 किलोग्राम, देवीलाल का 4.4 किलोग्राम, महावीर का 4.5 किलोग्राम कम हो गया है। इसके साथ-साथ बीपी कम-ज्यादा की भी कई सरपंचों को दिक्कतें आ रही हैं।