संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में टीबी फ्री इंडिया अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बीसीजी टीकाकरण के लिए 2 लाख 66 हजार लाभर्थियों का चयन किया है। इनमें से अब तक 20 हजार लोगों को बीसीजी टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। बीसीजी का टीका लगवाने में पुरुषों से महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
टीबी फ्री इंडिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में क्षय रोग को खत्म करने के लिए प्रयास कर रहा है। विभाग की टीमें गांवाें में घर-घर जाकर टीबी मरीज की पहचान करके सहमति से टीका लगा रही है। जिले के सभी खंडों में 20308 लोगों को बीसीजी का टीका लगाया गया है। बीसीजी का टीका लगवाने वालों में 8874 पुरुष व 11434 महिलाएं हैं।
व्यस्क के हामी भरने पर ही होगा टीकाकरण
बच्चों को बीसीजी का टीका लगाने की प्रक्रिया पहले से ही चली आ रही है। अब टीबी फ्री इंडिया मुहिम के तहत व्यस्कों को भी बीसीजी का टीका लगाने पर जोर दिया जा रहा है। चयनित व्यस्कों को उनकी इच्छा के अनुसार यह टीका लगाया जा रहा है।
इस आधार पर होता है टीकाकरण
- 18 साल से लेकर 60 साल के आयु वर्ग में पांच वर्ग बनाए गए हैं।
- इसमें रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने वाले लोगों को शामिल किया गया है।
- बीते पांच वर्षों से क्षय रोगी की हिस्ट्री के आधार पर।
- बीते तीन साल से टीबी के संपर्क में रहे लोग।
- धूम्रपान करने वाले एवं मधुमेह से ग्रसित लोग।
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टीबी की बीमारी क्या है
ट्यूबरक्लोसिस एक क्रोनिक संक्रमण है, जो एयरबॉर्न बैक्टीरिया, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस के कारण होता है। यह आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसमें कोई भी अंग प्रभावित हो सकता है। ट्यूबरक्लोसिस मुख्य रूप से तब फैलता है, जब लोग एक ऐसे व्यक्ति द्वारा दूषित हवा में सांस लेते हैं, जिसे यह सक्रिय बीमारी है। जिन लोगों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें टीबी का खतरा ज्यादा रहता है।
कोट्स
जिलेभर में ब्लॉक स्तर पर बीसीजी टीकाकरण का काम किया जा रहा है। जिले में चयनित लोगों का ही टीकाकरण किया जा रहा है। जल्द ही इस अभियान को पुरा कर दिया जाएगा। -डॉ. नितिन सोमानी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सिरसा।