श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में सिक्खों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वीरवार को सिखों ने पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के गृह क्षेत्र में कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्रम घोषित कर उनकी कैबिनेट का पुतला फूंका। भनक मिलते ही गुप्तचर विभाग तथा पंजाब पुलिस में हड़कंप मच गया। जब तक पुलिस पहुंची, पुतला जल चुका था।
वीरवार को हलका डबवाली के कुछ गांवों के सिख गांव लंबी के गिदड़बाहा रोड पर इकट्ठे हुए। नेतृत्व एकमदीप सिंह बनवाला, सतपाल बनवाला, हरभन सिंह, कुलविंद्र सिंह, मैहता सिंह, मुख्तियार सिंह, ओमप्रकाश शर्मा ने किया। पूर्व में कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्र म तय था।
एकाएक इसमें बदलाव कर सीएम प्रकाश सिंह बादल के सिर से जुड़े उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, तोता सिंह, एसपीजीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ तथा कैबिनेट सदस्यों का पुतला फूंक डाला। सरकार का पुतला जलाने की भनक पाकर गुप्तचर विभाग तथ पुलिस के पैरों तले से जमीन खिसक गई।
जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक पुतला जल चुका था। प्रदर्शनकारी सतपाल सिंह ने बताया कि पंथक सरकार का राग अलापने वाली बादल सरकार के राज में सिक्ख धर्म पर पंजाब में ही चोट हो रही है।