संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। कस्बे के सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में शिक्षा विभाग ने आरोपी मुख्य अध्यापक को निलंबित कर दिया है। पुलिस ने छात्राओं व उनके परिजनों के बयानों के आधार पर आरोपी मुख्य अध्यापक पर पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। खुलासा हुआ है कि मुख्य अध्यापक ही स्कूल की उत्पीड़न रोकथाम कमेटी का इंचार्ज था।
सोमवार को गांव की पंचायत व छात्राओं के परिजनों ने स्कूल में पहुंचकर मुख्य अध्यापक पर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। इस मामले में 6 छात्राएं भी सामने आई थीं। इन्होंने मुख्य अध्यापक द्वारा उनके साथ किए
गए व्यवहार के बारे में परिजनों और पंचायत
को बताया।
इस पर रोड़ी थाना पुलिस ने मुख्य अध्यापक को हिरासत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी थी। रोड़ी थाना प्रभारी राजबाला ने महिला शिक्षकों और छात्राओं के बयान दर्ज किए थे। इनके आधार पर मंगलवार को आरोपी मुख्य अध्यापक पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया गया है।
विशेष जांच कमेटी विभाग को सौंपी अपनी रिपोर्ट : मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने विशेष जांच कमेटी का गठन किया। जांच कमेटी मंगलवार को स्कूल में पहुंची तो स्कूल में 106 में से 92 बच्चे उपस्थित थे। जांच कमेटी ने छात्राओं व अध्यापकों से इस मामले पर पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। कमेटी ने रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को भेज दी। खंड शिक्षा अधिकारी मनीषा निदिपा ने बताया कि पूरे मामले की विशेष जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी है।
शिक्षा विभाग ने आरोपी मुख्य अध्यापक को निलंबित कर दिया है। स्कूल में कुल 9 शिक्षक है। इनमें से सात गेस्ट और एक नियमित शिक्षक है। अभी तक किसी को स्कूल का चार्ज नहीं सौंपा गया है।
उत्पीड़न रोकथाम कमेटी का प्रभारी था आरोपी
प्रत्येक स्कूल में विशेष रूप से उत्पीड़न रोकथाम कमेटी का गठन किया जाता है। मौजूदा समय में स्कूल में दो गेस्ट शिक्षक, एक आशा वर्कर व एक आंगनबाड़ी वर्कर को कमेटी का सदस्य बनाया गया था। आरोपी स्वयं कमेटी का इंचार्ज था, जबकि छात्राओं के स्कूल में इंचार्ज महिला शिक्षक को बनाया जाना चाहिए था।
मुख्य अध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी स्कूल का चार्ज किसी को नहीं दिया गया है।
- मनीष निधिपा, खंड शिक्षा अधिकारी।