किसान जागृति मंच के प्रदेशाध्यक्ष यश भांभू निरबाण ने कहा कि केंद्र सरकार को नए सिरे से आरक्षण में फ्लैट सिस्टम बनाकर आर्थिक आधार पर लागू करना चाहिए, न कि जाति के आधार पर क्योंकि जाति के आधार पर दिए गए आरक्षण से समाज में अस्थिरता और भेदभाव का माहौल पैदा हो रहा है
। अनाज मंडी परिसर में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए यश भांभू ने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी सहायता व रियायतें नहीं मिल रही हैं जबकि दूसरी ओर अपात्र लोग इसका फायदा उठा लेते हैं, जिसके चलते गरीबी और बेरोजगारी की दर ज्यों की त्यों बनी रहती है। जब तक देश में से गरीबी और बेरोजगारी की समस्या खत्म नहीं हो जाती, तब तक देश का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। इसीलिए किसान जागृति मंच केंद्र की मोदी सरकार से पुरजोर मांग करता है कि आरक्षण जाति की बजाय आर्थिक आधार पर लागू किया जाए। देश के सभी नागरिकों को आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को उठाना चाहिए ताकि परस्पर भाईचारे की भावना विकसित हो और जरूरतमंद व पात्र लोगों तक वांछित सुविधाएं पहुंचे और देश उन्नत हो।
इसके लिए मंच अपनी ओर से केंद्र सरकार को सुझाव भेज रहा है। यद्यपि मंच द्वारा इससे पूर्व भी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को इस संबंध में तीन बार सुझाव प्रेषित किए जा चुके हैं। मंच के प्रदेशाध्यक्ष ने अन्य समाजसेवी संस्थाओं से भी इस संबंध में अपने सुझाव प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजने का आह्वान किया है। इस अवसर पर मंच के संरक्षक पृथ्वी सिंह बैनीवाल, जसकरन जीत सिंह सेखों, सुरेंद्र तरड़, सचिव नेकीराम सिहाग, कृष्ण सहारण चौटाला, सत्या भांभू, अशोक कक्कड़, नत्थूराम, जसविंद्र कुमार, आदर्श गुप्ता, रविंद्र, अभय सिंह, सुरेंद्र, दौलत सिंह, आत्मा राम, कर्मजीत, डॉ. सहदेव, अशोक, रमन, संजय व अजय भांभू आदि उपस्थित थे।