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Sirsa News: बिजली निजीकरण पर दुष्यंत बोले—बिजली मंत्री में दम है तो इस्तीफा दें

Sat, 24 Oct 2026 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा । चौटाला हाउस में मीडिया से बातचीत करते पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। संवाद 
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बिजली वितरण निजी हाथों में सौंपने पर दुष्यंत चौटाला बोले-कर्मचारियों के आंदोलन में देंगे साथ
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फोटो 39
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को देने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह निर्णय बिजली निगम के राजस्व, युवाओं के रोजगार और आम उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित कर सकता है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बिजली मंत्री वास्तव में निगम कर्मचारियों के हितैषी हैं तो उन्हें निजीकरण के फैसले का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जननायक जनता पार्टी बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ खड़ी है।
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उनके आंदोलन में हर स्तर पर सहयोग करेगी। वे शुक्रवार को चौटाला हाउस में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने निजीकरण के फैसले को वापस लेने और संबंधित लाइसेंस रद करवाने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली प्राधिकरण की ओर से निजी कंपनी को गुरुग्राम और नूंह में आगामी 25 वर्षों तक बिजली वितरण का लाइसेंस दिया गया है। उनके अनुसार, इस मामले में कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के राजस्व में इन दोनों जिलों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत बताई जाती है। ऐसे में सवाल है कि सर्वाधिक राजस्व देने वाले जिलों में ही बिजली वितरण का काम निजी कंपनी को सौंपने का फैसला क्यों लिया गया।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि निजी कंपनी बिजली वितरण के लिए निगम के मौजूदा ढांचे और बुनियादी सुविधाओं का ही इस्तेमाल करेगी। उनके मुताबिक, इस फैसले से बिजली निगम में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं और निगम के कर्मचारियों की दक्षता पर भी सवाल खड़े होते हैं।

बिजली संकट पर सरकार पर साधा निशाना
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बिजली संकट के कारण लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है जबकि उद्योगों और कारखानों का कामकाज प्रभावित हुआ है। उन्होंने अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और मरीजों को परेशानी होने की बात भी कही। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उदासीन रवैया अपना रही है।
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लाइसेंस रद करने की मांग
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार से इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के प्रावधानों के तहत कानूनी रास्ता अपनाकर निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस को रद करवाने की मांग की। उन्होंने दिल्ली में बिजली वितरण के निजीकरण का हवाला देते हुए आशंका जताई कि हरियाणा में भी इससे उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जेजेपी इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। इस अवसर पर जेजेपी जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा, जिला प्रेस प्रवक्ता अमर सिंह ज्याणी और जिला कार्यालय के सहसचिव कुलदीप जांगू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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