सिरसा। जिले के राजकीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार अवकाश के दौरान भी गुरुजी सक्रिय नजर आएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी राजकीय विद्यालयों के शिक्षक घर-घर जाकर उन बच्चों की पहचान करेंगे, जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है या स्कूल नियमित रूप से नहीं आ रहे हैं।
कई बार पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक कारणों से बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं और समय रहते उन तक पहुंच नहीं बन पाने के कारण वे शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शीतकालीन अवकाश के दौरान यह विशेष अभियान शुरू किया गया है, ताकि प्रत्येक बच्चे को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सके।
अभियान के तहत शिक्षक अपने-अपने विद्यालय क्षेत्र के गांवों और शहरी वार्डों में जाकर सर्वे करेंगे। इस दौरान वे यह पता लगाएंगे कि कौन-कौन से बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनकी उम्र, कक्षा, स्कूल छोड़ने का कारण क्या है और उन्हें दोबारा स्कूल लाने में किस प्रकार की मदद की आवश्यकता है। शिक्षक अभिभावकों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक करेंगे।
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ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा
यह अभियान पूरे जिले में एक साथ चलाया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा चिन्हित होने से वंचित न रहे। जिन बच्चों ने लंबे समय से स्कूल छोड़ रखा है, उनके लिए विशेष काउंसिलिंग, ब्रिज कोर्स और अन्य शैक्षणिक सहायता की व्यवस्था की जाएगी। पहले भी इस तरह के प्रयासों से कई ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ा गया है, जिससे न केवल बच्चों का भविष्य सुधरा बल्कि जिले की शैक्षणिक स्थिति में भी सुधार हुआ। अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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पिछले साल 810 ड्रॉप आउट बच्चों को ढूंडा
विभाग की ओर से पिछले साल 810 ड्रॉप आउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। सर्दी की छुट्टियों में सर्वे करने के साथ ही स्कूल छोड़ने के कारणों का पता करेंगे। सर्वे एक जनवरी से लेकर 9 जनवरी तक स्कूल स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद कलस्टर लेवल पर सर्वे चलेगा। फिर खंड और उसके अंत में जिला स्तर पर अभियान चलेगा। चार चरणों में अभियान चलाया जाना है। सर्वे के माध्यम से 6 से 14 वर्ष और 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो किसी कारणवश अभी तक स्कूल से बाहर हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के साथ ही एजुकेशन वॉलंटियर की टीम गठित की गई है, जो स्कूल स्तर से लेकर जिला स्तर तक सर्वे किया जाएगा। इसमें सामाजिक संस्थाओं की मदद भी ली जाएगी।
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इस प्रकार बनाए गए हैं नोडल अधिकारी
खंड नोडल अधिकारी
सिरसा शशिकांत, एबीआरसी
ऐलनाबाद मंजू, बीआरपी
डबवाली रतनलाल, एबीआरसी
रानियां कविता, एबीआरसी
बडागुढ़ा लीलू राम, एबीआरसी
चोपटा सुमन देवी, एबीआरसी
ओढां सुखविंद्र कौर
चार चरणों में होगा सर्वे
- स्कूल स्तर : एक से नौ जनवरी तक। प्राइमरी शिक्षक और शिक्षा स्वयंसेवक घर-घर जाकर बच्चों की सूची तैयार करेंगे।
- क्लस्टर स्तर : 12 व 13 जनवरी को क्लस्टर प्रमुख डेटा संकलित करेंगे।
- ब्लॉक स्तर : 14 व 15 जनवरी को खंड शिक्षा अधिकारी डेटा की समीक्षा करेंगे।
- जिला स्तर : 16 और 19 जनवरी को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अंतिम रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे।
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जिले के राजकीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार अवकाश के दौरान भी गुरुजी सक्रिय नजर आएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 19 जनवरी तक जारी रहेगा।
- डॉ. अमित देवगुण, आउट ऑफ स्कूल, नोडल अधिकारी, सिरसा।