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Sirsa News: नशे की आग में जल गई बुढ़ापे की लाठी, सरकारी नौकरी से रिटायर्ड मां-बाप के इकलौते बेटे की नशे की ओवरडोज से मौत

Wed, 02 Apr 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेसी
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रोड़ी (सिरसा)। रोड़ी क्षेत्र में नशे की ओवरडोज ने बुजुर्ग मां-बाप से बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। मंगलवार को नशे की ओवरडोज से मरा युवक अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। सरकारी नौकरी से रिटायर्ड दंपती की बुढ़ापे की उम्मीद। मंगलवार को रोड़ी नहर के पास उसका शव मिला। शव के पास ही इंजेक्शन पड़ा था। पुलिस ने मृतक के पिता का बयान दर्ज कर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की है। बुधवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

बुजुर्ग पिता को जैसे ही पुत्र की मौत की जानकारी मिली, वह फफककर रो पड़ा। कहा-नशा छोड़ने के लिए बेटे को बहुत समझाया लेकिन हर बार विफलता हाथ लगी। सोचा था-बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा लेकिन बूढ़े कंधे को ही बेटे का शव ढोना पड़ा। अब बुढ़ापा किसके सहारे कटेगा।
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पिता बोला-8-9 साल से थी बेटे को नशे की लत

बुजुर्ग पिता ने बताया कि उसके बेटे को पिछले 8-9 साल से नशे की लत लगी हुई थी। उसने कई बार उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया। हर बार उम्मीद लगाई कि बेटा नशा मुक्ति केंद्र से नशा छोड़कर लौटेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा। उसे कई बार घर पर बैठाकर भी समझाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वह बार-बार नशे के चंगुल में फंसता रहा। आखिरकार नशे ने मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया।
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ग्रामीणों की मांग पर एसपी ने करवाई थी नाकाबंदी
बता दें कि 19 दिसंबर को सिरसा के एसपी विक्रांत भूषण रोड़ी गांव में पहुंचे थे। यहां क्षेत्र में बढ़ रहे हेरोइन व मेडिकल नशा को लेकर रोड़ी के मेडिकल संचालकों व ग्रामीणों के साथ मीटिंग की थी। गांव रोड़ी के पुलिस थाना में हुई मीटिंग में एसपी के पूछने पर ग्रामीणों ने बताया था कि उनके गांव में हेरोइन का नशा तनिक भी कम नहीं हुआ है। ग्रामीणों के कहने पर 20 दिसंबर को रोड़ी क्षेत्र में जटाना कलां रोड, सुरतिया रोड व फत्ता बालू रोड पर नाकाबंदी की गई थी। नाकाबंदी के दौरान गांव में कुछ नशा तस्करों व नशा करने वालों की धरपकड़ की गई और इलाके में तस्करों का संपर्क कम हो गया, लेकिन यह सख्ती महज तीन-चार दिन रही। सख्ती कम होते ही क्षेत्र में फिर नशे की आग तेज हो गई।
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