सिरसा। सिरसा बार एसोसिएशन की हड़ताल से न्यायालयों में एक सप्ताह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन अधिवक्ता अमित सिहाग पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग पर अड़ी हुई है। हड़ताल के चलते न्यायालयों में केसों की सुनवाई नहीं हो रही। प्रतिदिन न्यायालयों की ओर से सुनवाई के लिए अगली तारीख लगाई जाती है।
मंगलवार को विभिन्न न्यायालयों में करीब एक हजार 192 केस सुनवाई के लिए लगे थे। इनमें 813 क्रिमिनल और 379 सिविल केस शामिल थे, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। सिविल मामले में पेशी पर आई सोनिया, बीरबल व ओम प्रकाश ने बताया कि हड़ताल के कारण अधिवक्ता कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए नवंबर, सितंबर व अक्तूबर 2025 की तारीख दी है। वहीं, इस मामले में मंगलवार को सिरसा बार एसोसिएशन की एक बैठक प्रधान अधिवक्ता गंगाराम ढाका की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि जब तक एफआईआर रद्द किए जाने की रिपोर्ट एसोसिएशन के पास नहीं आती, हड़ताल जारी रहेगी।
जेई के आरोप झूठे : अधिवक्ता सिहाग
बार सदस्य अधिवक्ता अमित सिहाग का कहना है कि नगर योजनाकार विभाग के जेई अभिषेक कुमार का आरोप झूठा है। सिहाग के अनुसार उनकी ओर से मोरीवाला के पास किए गए निर्माण की जांच करने के लिए नगर योजनाकार विभाग का जेई 29 जुलाई को पहुंचा था। गेट पर ताला लगा होने के कारण जेई ने गेट पर नोटिस चस्पा करने के बजाय दीवार फांद कर अंदर प्रवेश किया और अंदर वीडियोग्राफी करने लगा। इसी दौरान वे मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अंदर किसी अज्ञात शख्स के होने के शक के चलते 112 पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुलाया। सिहाग का कहना है कि बाद में पता चला कि मेरे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई है। इसके बाद उन्होंने बार एसोसिएशन के संज्ञान में यह मामला लाया।
अमित सिहाग ने सरकारी आदेश की प्रतियां फाड़ीं : जेई
वहीं, जूनियर इंजीनियर अभिषेक कुमार का कहना है कि 29 जुलाई 2025 को वह नेशनल हाईवे-9 पर पहुंचे और दयावंती पत्नी अमीचंद निवासी गांव मोरीवाला की जमीन पर अवैध निर्माण गिराने का सरकारी आदेश चस्पा करने लगे। इसी दौरान दयावंती का पुत्र अमित सिहाग दो मजदूरों को लेकर आया। जूनियर इंजीनियर अभिषेक कुमार ने बताया कि अमित सिहाग ने सरकारी आदेश की तीन प्रतियां फाड़ दीं और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। 16 जुलाई को जिला नगर योजनाकार कार्यालय सिरसा ने दयावंती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 28 जुलाई को अवैध निर्माण गिराने का आदेश पारित किया गया। इसी आदेश की प्रतियां वह अवैध निर्माण पर चस्पा करने गए थे। इसके बाद डिंग थाने में आरोपी अमित सिहाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल ने एसपी सिरसा व डीसी से मुलाकात कर सारी बात बताई है। जब तक अधिवक्ता अमित सिहाग पर दर्ज एफआईआर रद्द किए जाने की रिपोर्ट हमें नहीं मिलती एसोसिएशन की हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान कोई अधिवक्ता कोर्ट में पेश नहीं होगा।
- गंगाराम ढाका, प्रधान, बार एसोसिएशन, सिरसा।