संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खैरपुर स्थित सीनियर सेकेंडरी व प्राइमरी स्कूल में लगभग 1300 विद्यार्थियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग की आपूर्ति लाइन से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों को सूचित किया गया मगर समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में स्कूल प्रशासन की ओर से स्कूल में टयूबवेल लगाने की मांग की गई है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, पानी की आपूर्ति अक्सर बेहद कम मात्रा में आती है। कई बार यह भी सुनिश्चित नहीं हो पाता कि बच्चों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। सुबह चार बजे आने वाली आपूर्ति भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। इससे पूरे दिन की जरूरतों पर असर पड़ रहा है।
गर्मियों के मौसम में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। लगभग 1300 बच्चों की दैनिक जरूरतों को देखते हुए पीने के पानी की उपलब्धता बेहद कम पड़ जाती है। स्कूल में पहले से वाटर कूलर और अन्य मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं लेकिन लगातार और पर्याप्त जलापूर्ति न होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
प्रिंसिपल आशा रानी ने बताया कि स्कूल में वाटर टैंक बना हुआ है लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग की आपूर्ति बेहतर नहीं है। लाइन में बहुत कम पानी आता है। दो सत्रों में स्कूल होने के कारण पानी की उपलब्धता गर्मियों में पूरी नहीं हो पाती है। इसलिए स्कूल के लिए विशेष पानी की व्यवस्था जरूरी है। एक टयूबवेल या नलकूप मोटर आधारित लगने से समस्या का समाधान हो सकता है।
ट्यूबवेल की मांग पर जोर : स्कूल प्रबंधन ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए परिसर में ट्यूबवेल लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि स्वयं का जल स्रोत उपलब्ध हो जाए तो बच्चों को निर्बाध रूप से पेयजल मिल सकेगा और गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कई बार पार्षदों से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों तक गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।