डॉ. शील कौशिक।
सिरसा। वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. शील कौशिक की दो कहानियों को अलग-अलग वर्ग में लवी और सवी की साहसिक यात्रा और नन्नू की गैया को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित बाल साहित्य लेखन प्रतियोगिता-2023 में चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट की ओर यह पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार जीतने वाली शील हरियाणा की एकमात्र साहित्यकार हैं।
डाॅ. शील कौशिक हरियाणा साहित्य अकादमी से श्रेष्ठ कृति पुरस्कार, हरियाणा की श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान तथा हरियाणा साहित्य रत्न सम्मान सहित देशभर के 16 राज्यों से शताधिक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। उनकी कुल 55 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनकी बाल साहित्य की रचनाएं पाठ्यक्रम में सम्मिलित की गई हैं। उनके साहित्य पर शोध विद्यार्थियों द्वारा छह एमफिल व चार पीएचडी हो चुकी हैं। पांच प्रतिष्ठित साहित्यकार उनके साहित्य पर पुस्तकें लिख चुके हैं।
इनकी पांच पुस्तकों का अंग्रेजी, पंजाबी भाषा में अनुवाद हो चुका है। कट-कट गिलहरी ने पहना चश्मा, बंदर का मोबाइल प्रेम, तथा बिटिया मेरी गोल मटोल उनके बाल साहित्य की चर्चित कृतियां हैं। वरिष्ठ साहित्यकारों डाॅ. मधुकांत, प्रो. रूप देवगुण, डाॅ. राजकुमार निजात, ब्रह्मदत्त शर्मा, पंकज शर्मा, नीरू मित्तल, लाजपतराय गर्ग समेत कई लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।