पिछले 14 सालों से पुलिस के मालखाने में पड़े सैकड़ों हथियारों को सोमवार सुबह नष्ट कर दिया गया गया। इतने सालों तक ये हथियार मालखाने में पुलिस सुरक्षा में पडे़ हुए थे।
इन हथियारों में पिस्तौल, रिवॉल्वर, बंदूक, कारतूस, चले खोल, चाकू व छुरे थे। पूरी कार्रवाई डीएसपी वीरेंद्र श्योराण, तहसीलदार संजय बिशभनोई व मधुबन पुलिस ट्रेनिंग कॉम्पलेक्स के आए इंस्पेक्टर अभय सिंह की मौजूदगी में की गई।
जानकारी के अनुसार जिला पुलिस ने वर्ष 1999 से लेकर वर्ष 2013 तक 434 विभिन्न वारदातों में में प्रयुक्त 453 हथियार व इतने ही कारतूस अभियुक्तों से जब्त किए थे।
इन मामलों का फैसला स्थानीय अदालतों में हो चुका है और अदालत ने पुलिस प्रशासन को बरामद हथियारों को नष्ट करने का आदेश दिया।
आदेशानुसार सोमवार सुबह डीआरडीए कॉप्लेक्स के पास स्थित पुलिस मालखाने प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में 373 पिस्तौल, 453 कारतूस, 16 बंदूकें, 20 खाली खोल व 44 तेजधार हथियार नष्ट करके जमीन में खड्ढा खोदकर दबा दिए गए। इन हथियारों में जिनका लाइसेंस था उन्हें अंबाला स्थित कोत भेज दिया गया।
2013 से अब तक 93 पिस्तौल बरामद
पुलिस अधीक्षक मितेश जैन का कहना है कि अवैध असलाधारकों के खिलाफ चालाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने वर्ष 2013 से अगस्त 2014 तक 118 मामलों में आरोपियों से 93 पिस्तौल बरामद किए हैं।