सीडीएलयू की रिजल्ट शाखा में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की मुहर न होने के कारण करीब 14 हजार विद्यार्थियों की डीएमसी लटकी पड़ी है। हालांकि रिजल्ट शाखा ने पिछले दस दिनों से डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की मुहर बनाने के लिए वीसी कार्यालय के पास फाइल भेजी है। लेकिन अभी तक फाइल पर स्वीकृति नहीं आई।
जनवरी 2020 में सीडीएलयू की स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी की इमारत में चल रही रिजल्ट शाखा को एडम ब्लॉक में स्थानांतरित किया था। तब रिजल्ट शाखा के दो सेक्शन बना दिए गए। एक सेक्शन कमरा नंबर 104 में बनाया गया। जिसका इंचार्ज डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सतीश कुमार को बनाया गया। इस सेक्शन में बीए, बीए पंजाबी ऑनर्स, एमएड, बीएबीएड, एमए संगीत, एमबीए, डिस्टेंस एजूकेशन व फिजिकल एजूकेशन के सभी कोर्स के रिजल्ट तैयार किए जाते हैं। जबकि दूसरा सेक्शन कमरा नंबर 105 में है। जिसमें साइंस विषयों सहित अन्य विषयों के रिजल्ट तैयार किए जा रहे हैं। इसके इंचार्ज रिजल्ट शाखा के अधीक्षक प्रेम भल्ला हैं। इस ब्रांच में जो भी डीएमसी तैयार की जाती है, उस पर उनकी मुहर लगाई जाती है। पहले पुरानी इमारत में डीएमसी पर केवल अधीक्षक की मुहर ही लगती थी। लेकिन एडम ब्लॉक में आने के बाद रिजल्ट शाखा को दो भागों में विभाजित कर दिया गया।
फाइल स्वीकृत न होने के कारण नहीं हो रहे हस्ताक्षर
कमरा नंबर 104 में बीए की डीएमसी तैयार होती है। जिसमें अधीक्षक की जगह पर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की मुहर लगनी है। लेकिन डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की मुहर ही नहीं बनी। मुहर और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर करने की स्वीकृत न होने के कारण बीए के द्वितीय व चौथे सेमेस्टर के करीब 14 हजार विद्यार्थियों की डीएमसी बांटी नहीं जा रही। डीएमसी पर क्लर्क, असिस्टेंट और फिर सुपरिंटेंडेंट के साइन होते हैं। ऐसे में जब तक इन डीएमसी पर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर नहीं होंगे तब तक डीएमसी कॉलेजों में विद्यार्थियों को नहीं भेजी जाएगी। बता दें कि बीए की परीक्षाएं मई 2019 में हुई थी और दिसंबर में रिजल्ट घोषित किया गया था।
कोट्स
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की मुहर व हस्ताक्षर करने के लिए हमने फाइल चलाई हुई है, इसकी स्वीकृति आने वाली है। जैसे ही स्वीकृति आ जाती है कॉलेजों में विद्यार्थियों को डीएमसी भेज दी जाएगी।
प्रो. सुलतान सिंह, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू सिरसा।