जिले को एक ओर ड्राई सिटी घोषित करवाने को लेकर धर्म गुरुओं का प्रयास जोर शोर से जारी है, दूसरी ओर यहां नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। गांजा, अफीम, चूरा पोस्त, स्मैक, हेरोइन सहित अन्य मादक पदार्थों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। जिले का युवा वर्ग नशे की चपेट में आकर बर्बाद हो रहा है। बावजूद इसके मौत के इस कारोबार पर पुलिस लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है। अब तो यहां नशे की होम डिलीवरी भी शुरू हो गई है। एक कॉल करने के 15 मिनट बाद माल बताई जगह पर पहुंच जाता है। शहर में 31 वार्ड हैं और सभी में शराब की तस्करी चरम पर है। अंग्रेजी हो या देसी, ठेके से 30 से 40 प्रतिशत कम रेट पर सप्लाई हो रही है। इसके लिए भी पीने वाले को बस एक कॉल कर ब्रांड बताना पड़ता है। दस से 15 मिनट में बताए गए पते पर शराब की बोतलें पहुंचा दी जाती हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कारोबार से जुड़े गिरोह ने शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले और बेरोजगार युवाओं को अपना एजेंट बने रखे हैं। एक पेटी पहुंचाने पर ढाई सौ से लेकर पांच सौ रुपये मिल जाते हैं। ऊपर से पीने के लिए फ्री। धंधे से जुड़े एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा नहीं कि पुलिस को इस धंधे की भनक नहीं है। संबंधित पुलिस चौकियों में जो पुलिस वाले शराब पीते हैं उनके लिए फ्री में शराब और कमीशन बंधा हुआ है। जब पुलिस पर धरपकड़ का दबाव आता है तो तीन चार केस अपने लोगों पर दर्ज करवा लिए जाते हैं। जल्द ही बेल भी मिल जाती है। पूरा धंधा सेटिंग से चलता है।
हेरोइन का नशा करने वालों बढ़ी तादादजिले में इन दिनों एक खतरनाक नशा युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसका नाम है हेरोइन, हजारों युवा इस नशे के गुलाम हो चुके हैं। सिरसा में पाकिस्तान से लगते पंजाब के फिरोजपुर व तरनतारण जिले से हेरोइन की तस्करी सिरसा में हो रही है। हेरोइन के नशे की चपेट में पंजाबी बाहुल्य रानियां क्षेत्र सबसे ज्यादा आ रहा है। डबवाली और सिरसा में भी हेरोइन की काफी बिक्री हो रही है। एक ग्राम हेरोइन की कीमत चार हजार रुपये है। हेरोइन की नशे जकड़े युवा ही अब स्वयं इसकी तस्करी भी जुड़ने लगे हैं। पुलिस तस्करों को पकड़ने का प्रयास तो करती है, लेकिन ज्यादा कामयाब नहीं रहती। फरवरी माह में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 50 ग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की। पकड़ में आए सभी लोग 25 से 30 साल के युवा निकले।
दो राज्यों की सीमा से जुड़ना है मुफीदसिरसा में नशीले पदार्थों की तस्करी का मुख्य कारण यह भी है कि ये जिला पंजाब और राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। राजस्थान से अफीम व चूरा पोस्त सिरसा में लाई जाती है। यहां से इसे हरियाणा और पंजाब में सप्लाई कर दिया जाता है। इसके अलावा हेरोइन, नशीली दवा व गांजे की तस्करी भी खूब हो रही है। सबसे ज्यादा हालत डबवाली , कालांवाली व रानियां विधान सभा क्षेत्र की खराब है। डबवाली व कालांवाली क्षेत्र तो नशीली दवाइयों और इंजेक्शन के कारोबार के अड्डे बन गए हैं। समय रहते नकेल नहीं कसी गई तो नशे के गिरफ्त में आने वाले युवाओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।
47 किलोग्राम अफीम व 250 ग्राम हेरोइन जब्तनशा कारोबारियों के खिलाफ जिला पुलिस के विशेष अभियान में इस साल में अब तक 47 किलोग्राम अफीम व 250 ग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है। गत वर्ष को मिलाकर तस्करों से पुलिस ने 150 ग्राम स्मैक ,160 किलोग्राम गांजा व 1500 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त किया है। साल 2015 से लेकर अब तक 22 हजार से अधिक देशी शराब व साढ़े चार हजार से अधिक अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद की जा चुकी हैं।
जल्द ही बड़े सरगना होंगे गिरफ्त मेंनशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। स्पेशल सैल, सीआईए व थाना पुलिस संयुक्त रूप से तस्करों को दबिश देकर पकड़ रही है। प्रतिदिन गिरफ्तारियां हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस ने जागरूकता अभियान के माध्यम से काफी गुप्तचर बनाए हैं। इससे तस्करों को पकड़ने में पहले से अधिक कामयाबी मिली रही है। जल्द ही बड़े सरगना भी गिरफ्त में आएंगे हैं। पड़ोसी राज्यों की सीमा से बिना जांच के किसी भी वाहन को जिले में आने नहीं दिया जा रहा।सतेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।