ओढां। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी ने गांव ओढां में स्थित कई मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे। इस दौरान उक्त मेडिकल स्टोर पर कोई प्रतिबंधित दवा तो नहीं मिलीं, लेकिन यहां पर फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर के नहीं मिलने, रिकॉर्ड पूरा न होने व सफाई व्यवस्था सहित अन्य अनियमितताएं पाई गईं। वहीं कार्रवाई की सूचना से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी केशव वशिष्ठ ने गांव ओढां में सबसे पहले श्याम मेडिकल पर दस्तक दी। वहां पर जांच में कुछ अनियमितताएं मिलीं। जिस पर अधिकारियों ने उन्हें कड़े निर्देश दिए। इसके बाद टीम चिमन मेडिकल हॉल पर पहुंची। उक्त मेडिकल पर फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर नहीं मिले और न ही वहां पर सफाई व्यवस्था थी। वहां पर एच-1 रजिस्टर पूरा मिला। सूचना के बाद फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर आनन-फानन में वहां पहुंच गए। मेडिकल स्टोर पर अधिकारी को काफी अनियमितताएं मिलीं, जिस पर उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि विभागीय नियमानुसार कार्य होना चाहिए अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिर टीम ने वन लाइफ मेडिकल व सिहाग मेडिकोज पर छापा मारा। उक्त मेडिकलों पर भी न तो फार्मासिस्ट मिले और न ही कागजी कार्रवाई पूरी मिली। अधिकारी ने मेडिकल संचालकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी संचालक किसी दूसरे के लाइसेंस पर कार्य करता, नशीली प्रतिबंधित दवाइयां बेचता व आधे-अधूरे रिकॉर्ड के साथ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारी ने बताया कि ओढां में 4 मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया। इन मेडिकल स्टोरों पर कोई प्रतिबंधित दवाइयां तो नहीं मिलीं, लेकिन अनियमितताएं काफी मिलीं। जिसके चलते उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे।