सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार की लापरवाही के चलते नशा माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। इसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा चुकी हैै। नशे के ज्यादा आदी हो जाने के बाद से चोरी, लूटपाट, मारपीट जैसी घटना लगातार बढ़ती जा रही हैं।
नशे की पूर्ति के लिए युवा चोरी, छीना-झपटी और लूट में लगे हुए हैं। सरकार लापरवाही बरतकर युवाओं के भविष्य को भी अंधकार में धकेल रही है। नशा रोकने के लिए सरकार ने कई सेल गठित किए हैं, इसके बावजूद शहर-शहर, गांव-गांव नशा क्यों बिक रहा है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि पहले तो नशा पंजाब के साथ लगते जिलों तक ही सीमित था। आज करीब करीब पूरा प्रदेश ही इसकी गिरफ्त में आ चुका है। शहर तो शहर गांवों की रगों में नशा बसता जा रहा है। नशे की जड़े मजबूत होती जा रही हैं। कभी चोरी छिपे बिकने वाले नशे का सामान, आज धड़ल्ले से बिक रहा है। स्मैक के धुएं से जवानी सुलग रही है और नशीले इंजेक्शन नशों में उतारे जा रहे हैं।
सुनसान स्थानों पर स्मैक और नशीले इंजेक्शन लगाते देखे जा सकते हैं। नशे के आदी युवाओं की बर्बादी का मंजर खुलेआम शहर में चलता जा रहा है। वहीं शहर में सबसे ज्यादा युवाओं के अंदर स्मैक का नशा फैल रहा है। जो युवाओं के परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे कई छात्र नशेड़ियों के चंगुल में फंस जाते हैं।
शुरू में इन्हें शौक के लिए स्मैक का नशा कराया जाता है। बाद में यह नशा छात्रों के जेहन में इतना उतर जाता है कि वे इसके आदी हो जाते हैं। स्मैकियों में महाविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा ऐसा जिला है जहां हर माह नशे से कोई न कोई युवा दम तोड़ता है। रोड़ी क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
फतेहाबाद जिला भी नशे की गिरफ्त में है। हांसी में, नशे की भयावह स्थिति दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। मात्र तीन दिनों में तीन युवाओं की नशे की ओवरडोज से मौत यह दर्शाती है कि प्रदेश में नशा माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। हर मृतक के पास से सिरिंज का मिलना और उनका खुलेआम लावारिस हालत में मिलना न केवल शासन की नाकामी को उजागर करता है, बल्कि यह सरकार की संवेदनहीनता का भी प्रमाण है।
सांसद ने सरकार से अनुरोध किया है कि नशा माफिया पर तत्काल कठोर और निर्णायक कार्रवाई की जाए, नशा वितरण और खपत की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। युवाओं को नशे से बचाने के लिए नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। आज ही पीड़ित परिवार भाजपा सरकार से पूछ रहा है कि क्यों उनके बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं और क्यों सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।