डेरा प्रमुख शाह सतनाम महाराज का पावन अवतार दिवस डेरा सच्चा सौदा की साध संगत ने सोमवार को मनाया। शाह सतनाम जी धाम सिरसा में नामचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां द्वारा चलाए गए 134 मानवता भलाई कार्यों को गति देते हुए 102 जरूरतमंद लोगों को कंबल, गरीब परिवारों को साध-संगत द्वारा बनाकर दिए गए चार मकानों की चाबियां और दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल दी गईं।
वहीं, नामचर्चा में रोहतक जेल में बंद डेरा प्रमुख द्वारा साध-संगत के नाम भेजा गया पत्र भी पढ़कर सुनाया गया। यह पत्र 23 जनवरी को जेल से जारी किया गया है। इससे पहले भी एक पत्र जारी हुआ था।
डेरा प्रमुख ने ये लिखा पत्र में
डेरा प्रमुख ने अपने दूसरे पत्र में माता जी, प्यारे बच्चों, ट्रस्ट के प्रबंधक, सेवादारों को संबोधित करते हुए धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा लिखा। डेरा प्रमुुख ने अपनी माता को संबोधित करते हुए लिखा कि माता जी! हम सतगुरु रामजी की कृपा से यहां पर ठीक हैं। आपकी और हमारे प्यारे करोड़ों बच्चों की अच्छी सेहत के लिए परम पिता परमात्मा से हमेशा प्रार्थना करते रहते हैं। माता जी! जब आप अस्पताल में बीमार थीं, आपको काफी मशीनें वगैरह लगी हुई थीं, जो कि आपकी सेहत को गंभीर बता रही थीं। पर जैसे ही हम आपके पास आए तो आप एकदम उठ बैठी और मशीनें सही बताने लगी। हमें बहुत खुशी हुई अपनी जन्मदाता को खुश देखकर। परम पिता जी ने चाहा तो हम जल्द ही आपके पास रहकर पूरा इलाज करवाएंगे। आप सबको परम परम पिता शाह सतनाम जी दाता के जन्म दिवस की बहुत-बहुत बधाई। आप सबको बहुत-बहुत बधाई, आप सबको बहुत-बहुत खुशियां मिलें और सबकी जायज मांग सतगुरु जी पूरी करें। प्रभु खुशियां वो दें कि आप सबकी खिल जाएं बत्तीसा। भंडारे के पवित्र दिवस पर आप मानवता भलाई के कार्य पूरी लग्न से करेंगे।
पत्र मानवता भलाई कार्यों की शृंखला में ‘हम दो-हमारे दो’ या ‘हम दोनों एक और हमारा एक बच्चा होगा’ 135वां कार्य भी शामिल हुआ। जो प्रण करना चाहते हैं तो वो हाथ खड़ा करें व नारा लगाएं। मालिक आपको अलग से खुशी दें। सुमिरन करते रहे। तन मन धन से परहित परमार्थ करते रहे, सतगुरु जी आपकी जरूर सुनेंगे। निंदा, चुगली, बुराइयां व ईर्ष्या से दूर रहे। हम रात को सोने से पहले व सुबह उठते ही आप सबको दुआएं देते हैं कि आप सब तंदरुस्त व सुखी रहें। हम गुरु रुप में परम पिता जी से प्रार्थना करते हैं कि संसार, देश में सुख शांति, बनाए रखें, बाकी प्रभुजी आपको जो मंजूर वो हमें कुबूल। हमने पहले भी पत्रों में लिखा था अब फिर गुरु रूप में कह रहे हैं कि हमारा ख्याल आप सब यानी हमारे करोड़ों प्यारे बच्चों में ही रहता है व सदा रहेगा। आप सबको बहुत-बहुत प्यार भरा आशीर्वाद।