सिरसा। जिले में इन दिनों डेंगू की चपेट में युवाओं सहित बच्चे भी आ रहे हैं। जिले में अब तक 144 के करीब डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, अधिकतर केस सिरसा के साथ बॉर्डर के गांवों से आ रहे हैं। पंजाब और हरियाणा दोनों बॉर्डर पर बसे गांवों में डेंगू के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।
असमय हुई बारिश व घग्गर का प्रकोप दोनों राज्यों के बॉर्डर के गांवों में देखने को मिला है। वहीं, दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों के घरों, दुकानों व प्लॉटों में मच्छरों का लारवा मिलने पर 1440 लोगों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौजूदा समय में वातावरण मच्छरों के अनुकूल बना हुआ है। इसी कारण तेजी से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं।
दो माह के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 144 केस हो चुके हैं। अक्तूबर माह में अब तक 70 के आसपास मामले आ चुके हैं। यह मामले ग्रामीण इलाके से ज्यादा सामने आ रहे हैं। मुख्य रूप से बॉर्डर एरिया के गांवों भारूखेड़ा, आसाखेड़ा व उनके साथ लगते गांवों से 20 से ज्यादा डेंगू के मामले अक्तूबर माह में आ चुके हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर हाई अलर्ट पर हैं। स्वास्थ्य टीमें लगातार जागरूकता के साथ छिड़काव व फॉगिंग करवाने का काम कर रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं जागरूक
स्वास्थ्य टीमें प्रिवेंटिव व क्यूरेटिव के आधार पर काम करने में लगी हैं। प्रिवेंटिव में स्वास्थ्य टीमें गावों में जागरूकता, ड्राई -डे मनाने के लिए जानकारी, लोगों को डेंगू से बचाव के बारे में बताया जा रहा है। वहीं, दूसरे क्यूरेटिव में स्वास्थ्य टीमें डेंगू पॉजिटिव केस आने पर उन गावों में जाकर एक विशेष प्रकार का शिविर आयोजित करती है। इसमें गावों में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीज के आस पड़ोस व गली के सभी लोगों की सैंपलिंग कर जांच की जाती है, जिनको बुखार आदि की समस्या आती है उनके भी जांच सैंपल लिए जाते हैं।
डेंगू का सीजन पीक पर
चिकित्सकों को अनुसार इन दिनों में डेंगू का सीजन पीक पर है। इस मौसम में अकसर डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में छोटे बच्चों व युवाओं में थोड़ा सी भी बेचैनी या बुखार जैसा लगे तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक के पास जाकर परामर्श के साथ दवा लें। इस बार डेंगू के ठीक होने में ज्यादा समय तो नहीं लग रहा। डेंगू का बुखार शरीर के की हड्डियों व जोड़ों पर काफी प्रभाव डालता है, ऐसे में शरीर में कमजोरी और तेजी से प्लेटलेट्स कम होने के साथ जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में बुखार आदि होने पर डेंगू की जांच जरूर करवाएं।
इन दिनों डेंगू का डंक तेजी से प्रहार कर रहा है। जो खतरनाक भी है ऐसे में सभी को इससे बचाव करना चाहिए। वहीं, अपने आसपास साफ -सफाई रखें। सप्ताह में एक दिन ड्राई -डे के रूप में मनाएं। नाॅर्मल बुखार होने पर भी डेंगू और मलेरिया की जांच करवानी चाहिए। स्वास्थ्य टीमें लगातार गावों में छिड़काव व फॉगिंग करवा रही है। -
डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी, नागरिक अस्पताल, सिरसा।