फैक्टरी परिसर से कृषि उपयोग वाली यूरिया के 757 थैले और तकनीकी यूरिया के छह थैले बरामद हुए थे
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। भारतीय किसान एकता और हरियाणा किसान एकता डबवाली की टीम ने सदर थाना प्रभारी से मुलाकात की। यह मुलाकात पन्नीवाला रुलदू स्थित ई-20 ग्रीन फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड में कृषि यूरिया के कथित औद्योगिक उपयोग के मामले को लेकर हुई।
किसान नेताओं ने खाद की पूरी आपूर्ति शृंखला से जुड़े लोगों की निष्पक्ष जांच की मांग की। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि 9 जुलाई 2026 को सदर थाना डबवाली में एफआईआर संख्या 0233 दर्ज की गई थी।
फैक्टरी परिसर से कृषि उपयोग वाली यूरिया के 757 थैले और तकनीकी यूरिया के छह थैले बरामद हुए थे। औलख ने कहा कि जांच केवल बरामद खाद और गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने खाद की खरीद, आपूर्ति, परिवहन, बिल और भुगतान की गहन जांच की मांग की।
संबंधित फर्मों, आपूर्तिकर्ताओं और परिवहनकर्ताओं की भूमिका भी सामने लाने को कहा गया। जीएसटी विभाग को जांच में शामिल कर जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल और वित्तीय लेनदेन की जांच होनी चाहिए। एफआईआर में शुभम इंटरनेशनल, दिल्ली से संबंधित खरीद आदेशों का भी उल्लेख है।
इस अवसर पर अंग्रेज सिंह कोटली, गुरजिंदर सिंह, जसबीर सिंह चोरमार, संतोष सिंह खालसा, गुरपाल सिंह पूनिया और खुशदीप सिंह हैबुआना मौजूद रहे।
पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
औलख ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से लिए गए यूरिया के नमूनों में नीम लेपित यूरिया पाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली कृषि यूरिया का कथित दुरुपयोग हुआ है। औलख ने अवैध आपूर्ति या औद्योगिक इस्तेमाल के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि किसान संगठन मामले की जांच पर नजर रखेगा।