सिरसा। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को स्थानीय पंचायत भवन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 के तहत जिला पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता योगेंद्र कुमार, एसडीओ कृष्ण कुमार, एसडीओ विपिन कुमार, प्रभारी डॉ. सुनील कुमार तथा बृजेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने पंचों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ विकास योजनाओं को धरातल पर लागू करवाएं ताकि गांव आत्मनिर्भर बनने के साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है और इसमें सशक्त पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम-2025 को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है तथा मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को नई योजनाओं और अधिनियम के प्रावधानों की व्यवहारिक जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे गांवों में विकास कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, पारदर्शिता और जनसहयोग से ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। उन्होंने प्रतिनिधियों से पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया