एलआईसी एजेंट से शादीशुदा युवक द्वारा धोखे से शादी करके धोखे से दुराचार करने के मामले में एडीजे संगीता राय सचदेवा की अदालत ने आरोपी को सात साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार सिरसा शहरी क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय युवती ने 26 मार्च 2013 को शहर थाने में महिला अधिवक्ता सुनीता वर्मा को बयान दर्ज करवाया कि वह एलआईसी एजेंट के रूप में काम करती है।
गांव जगमालवाली निवासी जसनदीप एक दिन कंपनी में आया और बीमा पॉलिसी लेने को कहा। पीड़िता का कहना है कि जसनदीप ने उससे दस लाख रुपये की बीमा पॉलिसी करवाई।
इसके बाद जसनदीप लगातार उसके ऑफिस में आता और बीमा पॉलिसियों के संबंध में बातचीत करता। एक दिन जसनदीप ने उसके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा।
पीड़िता ने उसे शादी के लिए हां बोल दी और दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वे कीर्ति नगर में रहने लगे। शादी के चार माह बाद जसनदीप रात को घर नहीं आने लगा।
इसी बात को लेकर पीड़िता का पति के साथ झगड़ा रहने लगा। जसनदीप ने उसके साथ हररोज मारपीट शुरू कर दी। बाद में पता चला कि जसनदीप शादीशुदा है।
पीड़िता को उसके परिजनों ने उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर आरोपी जसनदीप के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
17 महीनों में इस मामले का निपटारा करते हुए एडीजे संगीता राय की अदालत ने मंगलवार को आरोपी जसनदीप को दोषी करार देकर सात साल कैद की सजा सुनाई।