डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग न रुकने पर मौत हो जाने को लेकर परिजनों ने वीरवार को शहर के बंसल अस्पताल के बाहर हंगामा कर रोड जाम कर दिया। परिजनों ने पौने दो घंटे तक सरकुलर रोड को बंद रखा। डीएसपी ने मौके आकर परिजनों को शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी किया। तब परिजनों ने जाम खोला।
गिदडांवाली निवासी हरजिंद्र सिंह फायर ब्रिगेड में फायर मैन के पद पर तैनात है। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई की उसकी 27 वर्षीय पत्नी अमनदीप गर्भवती थी। जिसे बुधवार को सुबह दस बजे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही करके उसकी पत्नी को मार दिया है।
मृतका के पति हरजिंद्र सिंह निवासी गिदडांवाली ने बताया कि उसने अपनी पत्नी अमनदीप को डिलीवरी के लिए बुधवार सुबह 10 बजे सिरसा के एक बंसल अस्पताल में भर्ती करवाया था। उसकी पत्नी को शाम चार बजे ऑपरेशन के लिए डॉक्टर अंदर लेकर गए तथा करीब साढ़े छह बजे बाहर निकाला। सीजेरियन ऑपरेशन के बाद अमनदीप ने एक लड़की को जन्म दिया। पति हरजिंद्र सिंह ने बताया कि अमनदीप को जब बाहर निकाला तो उसके रक्तस्राव हो रहा था। इस पर डॉक्टरों से पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी अभी ऑपरेशन हुआ तो रक्तस्राव हो रहा है। जो थोड़ी ही देर में ठीक हो जाएगा।
कुछ समय बाद अमनदीप ने पति हरजिंद्र सिंह को बताया कि उसकी छाती में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान बेहोशी का टीका लगाने के कारण हो रहा है तो कुछ ही समय में दर्द ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ समय इंतजार करने के बाद भी दर्द ठीक नहीं हुआ और इस पर नर्स ने अमनदीप को एक टीका और लगा दिया। जिसके बाद उसे नींद आ गई। पति हरजिंद्र सिंह ने बताया कि जब वह रात के आठ बजे करीब उठी तो दर्द तथा रक्तस्राव वैसे ही शुरू हो गया। जिस पर उन्होंने स्टाफ नर्स को बोला कि वह डॉक्टर को बुला दें। जिसके बाद लगभग 12 बजे डॉ. सैलजा बंसल आई और उन्होंने अमनदीप को चेक किया। चेक करने के बाद डॉ. अमनदीप को अंदर ले गए और वेंटीलेंटर लगा दिया। जिसके बाद डॉ. सैलजा ने दूसरे अन्य निजी अस्पताल से डॉ. मनदीप गर्ग तथा डॉ. शेरगिल को बुलाया।
पति से बोले दिल काम करना बंद कर रहा है
पति हरजिंद्र सिंह ने बताया कि जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें अंदर बुलाया और कहा कि अमनदीप का हार्ट अब धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहा है। जिसका इलाज न तो हिसार में है तथा न ही अग्रोहा में। उन्हें अमनदीप को लुधियाना लेकर जाना पड़ेगा। इस पर हरजिंद्र सुबह चार बजे ही अपनी पत्नी को लेकर लुधियाना के लिए रवाना हो गया। सुबह सात बजे लुधियाना पहुंचते ही वहां पर डॉक्टर ने अमनदीप को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों को पता चला तो लगाया जाम
इसके बारे में परिजनों तथा गांव वालों को पता चला तो आक्रोशित होकर निजी अस्पताल के बाहर इकट्ठे हो गए। दोपहर एक बजे जब मृतका अमनदीप का शव अस्पताल के बाहर पहुंचा तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया। जिस पर परिजन नारेबाजी करते हुए शव को रोड पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने करीब एक घंटे 45 मिनट तक शव को रखकर रोड जाम किया। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी आर्यन चौधरी, सीविल थाना एसएचओ अमित बैनिवाल तथा सदर थाना एसएचओ जतिंद्र वहां पर पहुंचे तथा परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
हमारे पास मृतका के पति ने शिकायत दर्ज करवाई है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके बाद ही पुलिस अपनी जांच करेगी।
- आर्यन चौधरी, डीएसपी, सिरसा।
डिलीवरी होने के बाद हालत बिगड़ी है। इसमें हम बिना जांच के किसी को भी दोषी नहीं मान सकते। पोस्टमार्टम होने के बाद पूरी बात का खुलासा हो जाएगा। डॉक्टरों की पूरी टीम पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रही है।
- डॉ. वेद बैनिवाल, आईएमए संरक्षक हरियाणा।