संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उपमंडल के गांव मौजगढ़ के समीप भाखड़ा नहर में कूदे जेबीटी शिक्षक मनीष कुमार का शव तीन दिन के बाद शनिवार सुबह बरामद हुआ। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से शव को नहर से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भिजवाया। सदर थाना पुलिस ने मृतक के पिता गुरजंट सिंह के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
मौजगढ़ निवासी जेबीटी शिक्षक मनीष कुमार बुधवार रात्रि 8:30 बजे गिदडख़ेड़ा में बहन से मिलकर बाइक पर घर लौट रहा था, लेकिन वह अपने घर नहीं पहुंचा तो तलाश शुरू की गई। वीरवार को भाखड़ा नहर के किनारे उसका मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन बरामद हुआ। ग्रामीण चौकीदार गुरजंट सिंह ने बताया कि उसका बेटा मनीष पंजाब के गांव गुरथड़ी (बठिंडा) में जेबीटी शिक्षक तैनात था। गोताखोर तीन दिन से भाखड़ा नहर की अलग-अलग ब्रांच में करीब 15 किलोमीटर तक मनीष की तलाश में लगे हुए थे। उसका शव शनिवार को भाखड़ा नहर के पुल नंबर 11 गांव लखुआना के पास मिला है। मनीष कुमार ने किन हालात में भाखड़ा नहर में छलांग लगाई। इसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हो पाया। सदर थाना पुलिस के एसआई सुग्रीव कुमार ने बताया कि इससे पहले उसके लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी, अब मृतक के पिता के बयान पर आईपीसी की धारा 174 के तहत इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
एक अच्छा तैराक था मनीष
बताया जा रहा है कि मृतक मनीष कुमार के परिवार में उसके विवाह को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। मनीष कुमार पहले 10 लाख रुपये का लोन लेकर अपना घर बनाना चाहता था। ग्रामीणों व स्कूल के स्टाफ के अनुसार मनीष मृदु भाषी, सरल स्वभाव का संतोषी युवक था, लेकिन उसने अचानक ऐसा क्यों किया, ये पता नहीं चल पाया। हालांकि वह एक अच्छा तैराक भी था।