संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जागरूकता से ही साइबर क्राइम, नशाखोरी पर रोक लगाई जा सकती है। यह संदेश जिले की एएसपी दीप्ति गर्ग ने शनिवार को विद्यार्थियों को दिया। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिसार रोड स्थित आरके सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित की गई पुलिस की पाठशाला में एएसपी एक टीचर की भूमिका में नजर आईं। उन्होंने बच्चों को जागरूकता का पाठ पढ़ाते हुए यातायात नियमों को पालन करने का भी प्रण दिलाया। उन्होंने विद्यार्थियों, स्टाफ व आमजन से कहा कि चौराहों पर पुलिस तैनात नजर आए तो थैंक्यू जरूर बोलें।
पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं एएसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि युवा नशे को छोड़कर आगे बढ़ेगा तो देश प्रगति की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि आजकल साइबर क्राइम को लेकर नया प्रचलन चल रहा है। साइबर फ्रॉड करने वाले बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। वो उन्हें उनके पिता का दोस्त बताकर बच्चों से ओटीपी मांग लेते हैंं, जिसके कारण मिनटों में उनका खाता साफ हो जाता है। इसलिए सतर्क रहना है ताकि कोई गलत फायदा न उठा सके। एएसपी दीप्ति गर्ग ने विद्यार्थियों व स्टाफ से कहा कि यातायात नियमों को लेकर किसी को ढिलाई नहीं बरतनी है। अगर कोई दो पहिया वाहन चला रहा है, तो वह हेलमेट जरूर पहने। वहीं अगर कोई गाड़ी चला रहा है तो उसके सीट बेल्ट जरूर लगी होनी चाहिए। इस अवसर पर स्कूल डायरेक्टर शोभा अरोड़ा, प्रिंसिपल अंशु अरोड़ा, सुनीता कंबोज, सतबीर सिंह भी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल-एएसपी ने दिया जवाब
कक्षा 11वीं के जश्नप्रीत सिंह प्रश्न : मैम आजकल मार्केट में बहुत सी हार्मफुल ड्रिंक्स मिल रही हैं। इसे लेकर कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया जाता।
एएसपी : हालांकि ये मामला पुलिस के अंडर नहीं है, लेकिन आपकी जो चिंता है वो बिल्कुल सही है। इस पर संज्ञान लेंगे।
12वीं की अर्शिता का प्रश्न : मैम आपने अभी बताया कि यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, हादसे होते हैं। मैम शहर के सभी रोड इतने खराब हैं कि एक्सीडेंट खुद हो जाए।
एएसपी : हां, यह एक कारण हो सकता है कि रोड खराब होने की वजह से हादसे हो जाते हैं। अगर आप यातायात नियम का पालन करेंगे, वाहन धीरे चलाएंगे तो ऐसा नहीं होगा।
12वीं की रीतू का प्रश्न : मैम, मैंने बहुत सुना है कि सरकार खुद भी नशा उपलब्ध करवाती है।
एएसपी : यह एक प्रकार का मिथ है। सरकार नशा उपलब्ध नहीं करवाती है। कई कार्यों के लिए लाइसेंस देती है। जैसे दवाइयों आदि को बनाने के लिए भी कुछ पदार्थ प्रयोग में लिए जाते हैं। उसका ज्यादा या गलत सेवन करने से वह नशा बन जाता है।
12वीं की मीनू का प्रश्न : अगर नशा इतना ही खराब है तो सरकार नशे को क्यों बंद नहीं कर देती।
एएसपी : अगर हम किसी चीज की मांग को ही खत्म कर दें, तो वह चीज बनेगी ही नहीं।