जानकारी के अनुसार सोनू, उसका दोस्त अजय और रिश्तेदार जसबीर नाथूसरी कलां गांव में पहुंचे और नंबरदार से मिले। नंबरदार ने उन्हें शराब पिलाई और साजिश को अंजाम देने भेज दिया। उस रात संतरो देवी और जलंधर सिंह एक ही खाट पर सो रहे थे, जहां दीवार फांदकर पहुंचे और तीनों ने मिलकर दोनों की हत्या कर दी।
हत्या के बाद सोनू ने अपनी मां सुमित्रा को फोन किया और बताया कि उन्होंने दोनों को मार दिया है। सुमित्रा ने इस बात पर खुश होकर अपने बेटे से कहा- बहुत अच्छा किया और वह अपने हथियार कहीं छुपा दे। आरोपियों ने जिस हथियार से हत्या की थी वह रास्ते में गंदे पानी के नाले में फेंक दिया।
सुबह मामले का पता लगने पर पुलिस ने संतरो देवी के बेटे गौरीशंकर के बयान पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी थी। जांच के 48 घंटे के बाद सीआईए ने सुराग लगाकर सुमित्रा और सोनू को ट्रेस करना शुरू कर दिया। दोनों मां-बेटे अपने मामा के घर पहुंचे और पता किया कि पुलिस पूछताछ के लिए तो नहीं आई।
तभी सीआईए की टीम ने मौके पर ही दोनों को पकड़ लिया और पूछताछ के बाद दोस्त अजय और रिश्तेदार जसबीर को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं गांव का नंबरदार बृजलाल अभी फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
दोहरे हत्याकांड मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या को अंजाम महिला की बेटी और दोहते ने अपने दोस्त और रिश्तेदार के साथ मिलकर दिया है। वहीं गांव के नंबरदार की भी इसमें भूमिका है और उसी ने साजिश रची थी, जिसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - जगत सिंह, डीएसपी ऐलनाबाद।