सिरसा। जिले की गोशाला संचालकों की समस्याओं का समाधान पशुपालन विभाग की ओर से किया जाता है। जिले की 20 गोशाला संचालकों की विशेष बैठक सोमवार को पशुपालन विभाग के उपनिदेशक कार्यालय में हुई।
फतेहाबाद में जन परिवार समिति की बैठक में उपनिदेशक के जाने के कारण एसडीओ डॉ. अक्षय ने गोशाला संचालकों के साथ बैठक की। श्री गोशाला डबवाली, नंदीशाला डबवाली, श्री गोशाला चौटाला, मीरा बाई ऐलनाबाद सहित 20 के करीब गोशाला संचालकों ने भाग लिया। गोशाला संचालकों ने एडीओ के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
गोशाला संचालकों ने कहा कि आधी गोशालाओं को अनुदान मिल गया है जबकि आधी गोशाला को इसका इंतजार है। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि वंचित गोशाला संचालकों को भी जल्द अनुदान दिलाया जाएगा। भुगतान संबंधी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए मुख्यालय को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। इस दौरान गोशाला संचालकों ने आश्वासन दिया कि बेसहारा पशुओं को रखने में गोशालाएं हरसंभव सहयोग करेंगी। जिले को पशुमुक्त बनाने में वह अपना योगदान देंगी।
संचालकों ने रखे यह मुद्दे
- पशुओं के पंजीकरण का डाटा अपलोड करवाने की मांग
जिले में चल रहीं कुछ गोशालाओं का डाटा पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाया था। इस कारण किस गोशाला में कितने पशु हैं, उसकी जानकारी मुख्यालय को नहीं थी। ऐसी गोशालाओं के दस्तावेज जमा करवाए गए। ताकि उन सभी के पशुओं का डाटा ऑनलाइन दर्ज किया जा सके और गोशाला संचालकों को सरकार से मिलने वाली योजनाओं का लाभ मिल सके।
-निर्माण करवाने करवाने की मांग
गोशाला संचालकों ने कहा कि वह पशुओं को लेने से इन्कार नहीं करते हैं। उनके पास शेड और कमरे आदि की व्यवस्था होना जरूरी है। इसके लिए सभी गोशालाओं ने अपनी गोशालाओं में निर्माण कार्य करवाने संबंधी मांगपत्र दिए। ताकि गोशालाओं में बेसहारा पशुओं के लिए और व्यवस्था की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि जिले में टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मौजूदा समय में पशुओं का 88 प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। बाकी काम जारी है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार चारे की नई दर सूची जारी कर देगी। इनमें छोटे पशु के लिए 10 रुपये, गाय के लिए 20 रुपये और नंदी के लिए 25 रुपये की दर तय होगी।
जिले में गोशालाओं की स्थिति
पंजीकृत गोशालाएं - 137
अपंजीकृत गोशालाएं - 04
कुल - 141
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जिले के 20 के करीब गोशाला संचालकों को आज बैठक में बुलाया गया था। सभी के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना गया है। इन समस्याओं का समाधान जल्द करवाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि किसी भी गोशाला संचालक को अनुदान और दस्तावेजों संबंधी परेशानी न आए। -
डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, सिरसा।