सिरसा। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार उठाना पड़ रहा है। हालांकि अभी ई-खरीद पोर्टल पर किसानों की ओर से दर्ज किया गया डाटा अपडेट न होने के कारण टोकन नहीं कट पा रहे। जिसके संबंध में मार्केट कमेटी की ओर से मुख्यालय व कृषि विभाग को पत्र लिखा गया है।
सरसों की जिले में अभी 20 फीसदी ही कटाई का काम हो पाया है। जिले में इस वर्ष 80 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। सरकार की ओर से 23 मार्च से सरकारी खरीद शुरू करने का ऐलान किया गया था। लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी सरकारी खरीद के लिए शुरू किया गया ई-खरीद पोर्टल ही शुरू नहीं हो पाया है। ई-खरीद पोर्टल पर किसानों की ओर से दर्ज किया गया डाटा अभी अपडेट नहीं हो पाया है। जिसके चलते अभी ई-नेम पोर्टल पर ही किसानों की ओर से मंडी में लाई जा रही सरसों का टोकन काटा जा रहा है। मंडियों में हर रोज दो हजार क्विंटल के लगभग आवक हो रही है। लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिले में अब तक 55 हजार क्विंटल सरसों की हुई प्राइवेट खरीद
सरसों की कटाई के बाद किसान उसे मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक कुल 55 हजार 875 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। जोकि निजी व्यापारियों की ओर से खरीदी गई है। निजी व्यापारियों की ओर से सरसों की खरीद करीब पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार खरीदी जा रही है। जबकि सरकार की ओर से 5450 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार इसकी खरीद की जानी है। हालांकि हैफेड की ओर से कॉमर्शियल तौर पर सरसों की खरीद की जा रही है।
ई-खरीद पोर्टल पर अभी डाटा अपडेट न होने के कारण सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इसके संबंध में मुख्यालय व कृषि विभाग को लिखा गया है। पोर्टल शुरू होने के बाद ही किसानों की ओर से लाई जा रही उपज का टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।