सिरसा। रानियां, बडागुढ़ा, रोड़ी सहित जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में तैयार खड़ी किसानों की सरसों, गेहूं सहित अन्य फसल पर ओलावृष्टि की भारी मार पड़ी है। किसी क्षेत्र में सरसों व गेहूं की पूरी बालियां झड़ गई है तो किसी क्षेत्र में फसल पूरी तरह से जमीन के साथ ही लग गई है। ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह से तबाह हुई फसल ने किसानों की मुश्किल को बढ़ा दिया है। जिले में इस वर्ष दो लाख 78 हजार हेक्टेयर में गेहूं व 80 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल की बिजाई की गई है। पूरी फसल पर बारिश व ओलावृष्टि की मार पड़ी है।
शाम तीन बजे के बाद रानियां क्षेत्र से शुरू हुई ओलावृष्टि बडागुढ़ा, ओढां, रोड़ी, ऐलनाबाद व सिरसा के कुछ क्षेत्र में पहुंच गई। रानियां, बडागुढ़ा और रोड़ी क्षेत्र में अनुमानित 50 से 60 फीसदी तक फसल खराब हो गई है। वहीं कई क्षेत्र में पक कर पीली पड़ी फसल की बालियां तक झड़ गई। जिले के करीब 80 गांवों में ओलावृष्टि होने से किसानों की हजारों एकड़ की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। किसान अब सरकार से मुआवजे ही गुहार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं जिले के रानियां, जीवननगर, नकौड़ा, बालासर, लहरवाली, रामपुर थेहड़ी, मैनाखेड़ा, नाईवाला, केसुपुरा, मलेका, मंगालिया, झोरड़रोही, हरिपुरा, भड़ोल्यावाली, संतनगर, दमदमा क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
किसान बोले: 100 फीसदी फसल हुई तबाह, नहीं बचा कुछ शेष
रानियां क्षेत्र में करीब 20 मिनट तक लगातार चली ओलावृष्टि से जमीन पूरी तरह सफेद चादर से ठकी हुई नजर आई। किसानों ने ओलावृष्टि का वीडियो व फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर करने शुरू कर दिए और चिंता जाहिर करते हुए नजर आए। किसानों का कहना है गेहूं, सरसों व अगेती बिजाई की गई सब्जी की फसल अब 100 फीसदी तक खराब हो चुकी है। ओलावृष्टि के कारण गेहूं भी तीन से चार जगह से टूट गई। जबकि बलियां झड़ने से गेहूं पूरी तरह से तबाह हो चुकी है।
खेतों में कटाई करने के बाद छोड़ी सरसों भी झड़ी
जिले में इस वर्ष 80 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। जिसकी केवल 12 से 15 फीसदी ही कटाई हो पाई है। अधिक किसानों की तरफ से सरसों की कटाई का काम किया जा रहा है। ऐसे में ओलावृष्टि और बारिश के कारण सरसों की फसल भी पूरी तरह से झड़ गई है। कई क्षेत्रों में खेतों में अब केवल सरसों के लकड़ी ही खड़ी हुई नजर आ रही है। जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है ।
ओलावृष्टि से फसलों का हुआ नुकसान चिंताजनक: ओलख वहीं भारतीय किसान एकता के अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि बड़ागुढ़ा, रोड़ी व रानियां क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से फसलें 100 फीसदी तक तबाह हो चुकी है। वहीं उन्होंने किसानों से अपील की कि वह 72 घंटे से पहले पहले ऑनलाइन पोर्टल पर या कृषि विभाग में जाकर नुकसान के आकलन के लिए एप्लीकेशन दे। वहीं उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों का फसल बीमा नहीं हुआ है उनकी फसलों के नुकसान का जल्द आकलन करवाकर मुआवजा दिया जाए। ताकि किसानों को कुछ हद तक राहत मिल पाए ।
इन क्षेत्रों में हुई इतनी बारिश
क्षेत्र, एमएम
सिरसा, 10
पंजुआना, 05 ओटू , 03
नहराना, 01
जिले में कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की सूचना आई है। जिले के कितने गांवों में ओलावृष्टि हुई है इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा ।