लालबत्ती के पास लगाए गए होर्डिंग स्टक्चर के पास से गुजरती हुई बिजली की तारें।
सिरसा। शहर में बिजली की 11,000 केवीए की लाइनों के बिल्कुल साथ से होर्डिंग स्ट्रक्चर खड़े किए गए हैं। जगह-जगह पर लगाए गए होर्डिंग्स पोल बिजली के कारण होने वाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। रोहतक में बीते दिन होर्डिंग लगाने के दौरान युवक की मौत हो गई थी। जिस प्रकार से अनियमितताएं इन होर्डिंग स्ट्रक्चर के संबंध में बरती गई हैं, सिरसा में भी कभी भी हादसा हो सकता है।
जब शहर में पड़ताल की गई तो कई ऐसे होर्डिंग स्ट्रक्चर नजर आए, जो 11,000 केवीए के से ढाई से तीन फीट की दूरी पर ही लगे हुए थे। इस स्ट्रक्चर पर चढ़कर होर्डिंग लगाना हादसों को न्योता देने से कम नहीं है। हैरानी की बात है कि इन स्ट्रक्चर पर अवैध तरीके से ही होर्डिंग लगाए जा रहे हैं।
वहीं, कुछ समय पहले नगर परिषद ने तोरण द्वार बनाने के लिए 20 साल के लिए एजेंसी को टेंडर दिया था। एजेंसी ने अपने लाभ के हिसाब से बिना सुरक्षा जांच होर्डिंग स्ट्रक्चर खड़े कर दिए। बाद में एजेंसी का टेंडर कैंसिल कर दिया गया।
कर्मचारियों के पास नहीं है कोई सुरक्षा उपकरण
होर्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह से लोहे के बनाए गए हैं। शहर के होर्डिंग व फ्लैक्स बनाने वाले दुकानदारों ने सुरक्षा की दृष्टि से कोई सुविधा कर्मचारियों को नहीं दी हुई है। इतना ही नहीं, इन्होंने अपने कर्मचारियों को लेबर तक में नहीं दिखाया है। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो कर्मचारी के परिजनों को जीवन भर परेशानियां उठानी पड़ती हैं। इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों से रात के अंधेरे में सबसे ज्यादा काम करवाया जाता है। उस समय गलती होने का खतरा ज्यादा रहता है।
-अवैध होर्डिंग स्ट्रक्चर से बिजली की तारों की दूरी कितनी है, सर्वे करवाकर इसकी रिपोर्ट तैयार करवा लेंगे। कहीं कोई गलत स्ट्रक्चर होगा तो उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
- रोहित हुड्डा, जेई, नगर परिषद