डबवाली। डबवाली के रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प किया गया है। इस पर अमृत भारत योजना के तहत लगभग 13.22 करोड़ रुपये की लागत आई है। अब डबवाली रेलवे स्टेशन का 22 मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उद्घाटन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री 22 मई को राजस्थान के बीकानेर दौरे के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से डबवाली के अलावा तैयार कई अन्य रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री के रेलवे स्टेशन के उद्घाटन की सूचना के बाद से ही शहर में खुशी की लहर है। वहीं, रेलवे प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। बता दें कि रेलवे स्टेशन की पूरी तरह से सूरत बदल दी गई है।
रेलवे स्टेशन पर इन सुविधाओं का हुआ विस्तार
- एसी वेटिंग रूम
- वीआईपी रूप
- नए बुकिंग ऑफिस का निर्माण
- दिव्यांगजनों के लिए फ्रेंडली टॉयलेट
- सर्कुलेटिंग एरिया में सुधार
- एंट्री, एग्जिट, पोर्च, पार्किंग, लैंडस्केपिंग
- वेटिंग हॉल का नवीनीकरण
- यात्रियों के लिए सूचना प्रणाली का उन्नयन
- नए फर्नीचर की व्यवस्था
- आकर्षक चित्रकारी
अंग्रेजों के जमाने का बना है रेलवे स्टेशन, पुरानी सूरत बरकरार
रेलवे सलाहकार बोर्ड के सदस्य सुरेश मित्तल ने बताया कि डबवाली रेलवे स्टेशन का पुराना इतिहास रहा है। यह स्टेशन अंग्रेजों के जमाने से रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 1903 में यहां छोटी रेलवे लाइन बनी थी, जिसे मीटर गेज बोलते थे। इसके बाद 1979 में बड़ी लाइन बनी, जिसे ब्रॉड गेज बोला जाता था। यह लाइन बठिंडा से सूरतगढ़ तक डाली गई थी जो आर्मी की सहूलियत के लिए थी। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे समय बिता डबवाली रेलवे स्टेशन को मॉडर्न स्टेशन घोषित किया गया। बाद में लंबी दूरी की गाड़ियां, मालगाड़ियां चलने लगीं और आने-जाने की सहूलियत के साथ व्यापारिक दृष्टि से आमजन को फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अब डबवाली रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया और स्टेशन का नए सिरे से निर्माण हुआ है और स्टेशन का नवीनीकरण कर उसे एक भव्य रूप दिया गया है और समय की मांग के मुताबिक काफी बदलाव भी किए गए हैं।