सिरसा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में युवा कल्याण निदेशालय की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने भंगड़ा, गिद्दा, नाटक, हरियाणवीं डांस की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बाढ़डा की विधायक नैना सिंह चौटाला मुख्य अतिथि रही।
विधायक नैना सिंह चौटाला ने विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने पर सर्वप्रथम देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरीदेवी लाल की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल की नीतियों की प्रासंगिकता वर्तमान दौर में भी है और उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षित तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करके एक सशक्त समाज की निर्माण किया जा सकता है।
इस उपरांत नैना चौटाला ने विश्वविद्यालय के विवेकानंद पुस्तकालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक तथा कुलसचिव प्रो. मोनिका वर्मा भी उपस्थित रहे। पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. डीपी वार्ने ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और बताया कि 7 मार्च तक चलने वाले इस पुस्तक प्रदर्शनी में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों तथा वितरकों के स्टॉल लगाए गए हैं।
बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नैना सिंह चौटाला ने विश्वविद्यालय की प्राध्यापिकाओं व गैर शिक्षक महिला कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न महिला डॉक्टर, सरपंच तथा समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली वॉलंटियर्स को सम्मानित किया। नैना सिंह चौटाला ने विश्वविद्यालय के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए जननायक फाउंडेशन के नाम से गैर सरकारी संगठन स्थापित करने की घोषणा भी की। यह फाउंडेशन जरूरतमंद छात्रों को पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन विभाग की अध्यक्षा प्रो. आरती गौड़ की ई-पुस्तक मैनेजमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज का विमोचन भी किया। इसी प्रकार से डॉ. चरणजीत तथा डॉ. सरस्वती की पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
प्रदर्शनी में लगाई 26 स्टालें
विश्वविद्यालय के विवेकानंद पुस्तकालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में कुल 26 स्टॉल लगाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइंस तथा सामान्य ज्ञान व जेनेलिया की पुस्तकों को अधिक पसंद किया। वहीं रविवार को विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अवकाश होने के चलते बहुत से विद्यार्थी पहुंच ही नहीं पाए। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार को पुस्तकें खरीदने के लिए विद्यार्थियों की तादाद अधिक होगी।
भारी पुलिस बल रही तैनात
एक ही दिन व एक ही स्थान पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला तथा बाढ़डा से विधायक नैना सिंह चौटाला के आने से चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अंदर व बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया था। क्योंकि इस समय जिले भर में अपनी मांगों केे लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स का विरोध चल रहा है। हालांकि रविवार होने के कारण आंगनबाड़ी वर्कर्स भी लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर नहीं पहुंची।
एक उच्च दर्जे तक पहुंचने में विश्वविद्यालय को लग जाते हैं 25 वर्ष
कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि वैसे तो चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना 2003 में हुई थी। जिसे आज 18 वर्ष हो चुके हैं। एक राज्य में जिस स्तर पर विश्वविद्यालय होता है कुछ उसी तरह ये विश्वविद्यालय भी हैं। लेकिन उस दर्जे तक पहुंचने में 7 वर्ष का समय बचा हुआ है। महिला दिवस के अवसर पर कुलपति ने संबोधित करते हुए कहा कि वैसे तो अभी तक किसी कार्यक्रम में आयोजक था, लेकिन आज खुद मैं अतिथि की तौर पर शामिल हुआ हूं। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुछ मायनों में हम बेहतर है तो कुछ में पिछड़े हुए हैं, जिन्हें सुधार की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिला विद्यार्थियों की बात करें तो इस बार 1 हजार महिला विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है तो वहीं लड़कों की संख्या केवल 784 है। इसी प्रकार उन्होंनें टीचिंग व नॉन टीचिंग में भी महिलाओं की संख्या की तुलना पर प्रकाश डाला। इसके अलावा कुलपति ने विश्वविद्यालय की छवि को लेकर टीचर के आपसी विवाद और सीबीआई केस का जिक्र भी किया।