संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। शहर के मुख्य बाजार ऐलनाबाद क्षेत्र में मुख्य मार्गों, चौराहों, गलियों में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। संकरी गलियों में वाहन खड़े होने से यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। संबंधित विभागों को इसके लिए सार्थक पहल करनी चाहिए।
संबंधित विभाग अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार अभियान चलाते रहते हैं लेकिन अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाते ही कई गुना बढ़ जाता है। बाजार में पैदल चलने वाले रास्ते पर भी लोगों ने अतिक्रमण किया है। दुकानों के बाहर लगे टिनशेड और सड़क पर रखे अस्थायी सामान से गलियां, पैदल पथ और सड़क को कई जगह बाधित कर दिया।
कई दुकानों के बाहर पक्के छज्जे होने के बावजूद इसके आगे टिनशेड वेल्डिंग करवा दिए गए हैं। इससे पक्के छज्जे के नीचे सीमित जगह में अपना कारोबार करने वाले व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार की संकरी, छोटी गलियों में ज्यादा मोटरसाइकिल खड़ी करने से भी जाम लग रहा है। ऐसे में कभी कोई अनहोनी होने पर तत्काल कार्रवाई तक नहीं की जा सकती। सरकारी नालों पर भी लोगों ने सामान रखा है। इन नालों की भी महीनों तक सफाई नहीं हो पाती। इस कारण बारिश के समय में नाले जाम हो जाते हैं। दुर्गंध से वातावरण भी दूषित होता है।
इससे परेशान लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और शहर में हो रहे अतिक्रमण को हटवा कर आमजन को राहत प्रदान करवानी चाहिए।
बॉकस
यहां लगा रहता है जाम
ऐलनाबाद शहर के पंचमुखी चौक, ममेरा चौक, देवीलाल चौक, गांधी चौक, तलवाड़ा चौक पर सारे, सारे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके बावजूद वाहन स्वामियों और ठेले वालों ने आम सड़क तक को जाम कर दिया है। यहां कोई यातायात पुलिस व्यवस्था या पुलिस चौकी तक नहीं है। ऐलनाबाद का हृदय स्थल कहे जाने वाली चौधरी देवीलाल चौक छोटी सब्जी मंडी बनती जा रही है। यहां सब्जी और फलों की रेहड़ियों ने अपना साम्राज्य स्थापित कर दिया है। इससे पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। कई बार तो जाम के कारण लोगों में लड़ाई-झगड़े भी हो जाते हैं, लेकिन पालिका प्रशासन के अधिकारी समस्या नहीं सुलझा सके हैं।
बारिश के मौसम में यह रहते हैं हालात
बारिश के मौसम में यहां नगर पालिका से लेकर गांधी चौक तक सड़कें लबालब पानी से भर जाती हैं। इससे लोग बहुत दुखी और परेशान होते हैं। कई दुकानों में बरसाती पानी अंदर तक पहुंच जाता है। इससे उनको बहुत आर्थिक नुकसान होता है। पालिका प्रशासन ने सड़क पुनर्निर्माण तो किया है, लेकिन यातायात व्यवस्था न सुधरने के कारण इन पर करोड़ों रुपये लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ।
-बारिश के समय में तो बहुत बुरे हालात होते हैं।
चौधरी देवीलाल चौक में लगी हुई रेहड़ी वाले सड़ी, गली सब्जियां खुले में फेंक देते हैं। इससे वातावरण प्रदूषित होता है। यातायात पुलिस को भी गालियों, चौराहों, आम सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। यातायात पुलिस भी दिन में बार-बार बाजार का सर्वे करें और एक दो यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी पंचमुखी चौक, देवीलाल चौक, ममेरा चौक और तलवाड़ा चौक पर जरूर लगानी चाहिए। गलियों में भी अतिक्रमण और अवैध पार्किंग करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिससे आमजन और व्यापारियों की दुकानों के सामने ही मोटरसाइकिल खड़ी कर दी जाती है, उनसे राहत मिलेगी और वाहन चालकों को भी सही ढंग से अनुशासनात्मक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
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