हरियाणा के सिरसा के कालांवाली क्षेत्र में श्रमिक भगवान सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में मृतक की मां तेज कौर ने बताया कि उसका बेटा भगवान सिंह मजदूरी करता था। 23 जुलाई की शाम वह पंजाब बस स्टैंड के पास स्थित प्लाइवुड की दुकान पर मकान की मरम्मत का काम कर रहा था। इस दौरान शंटी सिंह, निक्का मिस्त्री, काला सिंह, बलविंद्र सिंह, संदीप सिंह भी काम कर रहे थे। उसके बेटे भगवान व शंटी सिंह की आपस में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
इस पर शंटी सिंह ने गुस्से में आकर उसके बेटे भगवान सिंह के प्राइवेट पॉर्ट को दबा दिया। उसने घर आकर दर्द की गोली ली। हालत में सुधार नहीं होने पर भगवान सिंह को 25 जुलाई को कालांवाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
यहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा रेफर कर दिया। हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे अग्रोहा रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान भगवान सिंह ने 26 जुलाई को दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस ने मृतक की मां के बयानों के आधार पर आरोपी शंटी सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक भगवान सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
- सब इंस्पेक्टर गुरमेश वर्मा, चौकी प्रभारी, कालांवाली।