चोर कितना भी शातिर क्यों ना हो, फिर भी निशान छोड़ जाता है। गांव सकताखेड़ा में कुछ ऐसा ही हुआ। पूरी पंचायत के सामने राजस्थान से आए एक खोजी ने गली में मिले पैरों के निशान के आधार पर जांच की तो दो युवकों के पैरों के निशान मेल खा गए। सीआईए डबवाली ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
वीरवार रात को गांव सकताखेड़ा में चार घर चोरों के निशाने पर थे। लीला सिंह के घर पर चोर कामयाब नहीं हुए तो गुरलाल के घर की दीवार से एक चोर नीचे गिर गया। तीसरा घर देवेंद्र सिंह का था। चोर मकान के भीतर चले गए। अलमारी तोड़ी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद चोर अरविंद के घर में प्रवेश कर गए। एक कमरे में पूरा परिवार सोया हुआ था। दूसरे घर में प्रवेश पाकर संदूक खंगालने लगे। एक संदूक में से 48 हजार रुपये की नकदी निकाल ली। दूसरे संदूक में कपड़ों में छिपाकर रखे गए करीब चार तोले के स्वर्ण आभूषण चुरा लिए।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे परिवार की आंख खुली तोवारदात की जानकारी हुई। बिना शोर मचाए परिवार ने जांच शुरू कर दी। देखा कि चोरों के पांव के निशान गली में नजर आ रहे हैं। सरपंच यादविंद्र सिंह को सूचना देने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई। ग्रामीणों को साथ लेकर परिवार चोरों के पांवों को बर्तनों से ट्रेस करता चला गया। करीब पंद्रह-बीस घर दूर चोरों का ठिकाना मिल गया। परिवार ने राजस्थान के गांव बाखरांवाली से एक खोजी को बुलाया।
सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पूरा गांव भी वहां जुट गया। जिस घर में जाकर पैरों के निशान खत्म हुए थे, उस घर के युवकों को बुलाया गया। गांव के सामने उन्हें गली में चलाया गया। निशान मेल खा रहे थे। खोजी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने युवकों को हिरासत में ले लिया। सीआईए शनिवार को आरोपियों के बारे में खुलासा करेगी।
गोरीवाला में चोरी का प्रयास
इधर गोरीवाला क्षेत्र में लगातर तीसरे दिन भी चोरों का आतंक कायम रहा। चोरों ने एक घर पर धावा बोला। लेकिन परिवारजनों के जाग जाने पर वे मौके से फरार हो गए। वीरवार रात्रि अज्ञात तीन चोर गोरीवाला निवासी कमल सोनी व हरचंद घोड़ेला की दीवार के पास पौड़ी लगाकर ऊपर चढ़ रहे थे कि अचानक छत पर सो रहे कमल सोनी की आंख खुल गई। उसने पत्नी से पानी मांगा। पत्नी पानी के लिए खड़ी हुई तो उसे गली में आदमी की परछाई दिखाई दी। जिस पर उसने शोर मचा दिया। तीन व्यक्ति पौड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी गोरीवाला पुलिस को दी गई तो पुलिस ने चौकी के सभी दर्जनों गांवों में पंचायतों को पहरा लगाने के निर्देश दिए हैं।