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विद्यालय में दुकानदारी चलाने वाले स्कूल संचालकों पर विभाग हुआ सख्त

Mon, 28 Mar 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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परीक्ष्‍ाा - फोटो : Bureau
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प्राइवेट स्कूलों में दुकानदारी चलाने वाले संचालकों के खिलाफ शिक्षा विभाग सख्त है। सोमवार से विभाग ने मुख्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने का मन बना लिया है। आज स्कूल खुलते ही विभाग सभी स्कूलों पर पैनी नजर रखेगा। विभाग को किसी भी स्कूल में पाठ्य सामग्री, वर्दी या अन्य सामान बेचने का मामला मिला तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। स्कूलों में खुलने वाली दुकानों से सामान खरीदने के लिए मजबूर कर प्राइवेट स्कूल संचालक अपनी जेबें भरते रहे हैं।
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परीक्षाएं समाप्त होने के बाद और एक सप्ताह की छुट्टियों के बाद जैसे ही सोमवार को स्कूल खुलेंगे तो शिक्षा विभाग इन पर नजरें रखनी शुरू कर देगा ताकि किसी भी स्कूल में दुकानदारी शुरू न हो जाए। विभाग ने सभी स्कूलों को निदेशालय से आए निर्देशों से अवगत करवा दिया है ताकि स्कूलों में अब दुकानदारी पर पाबंदी लग सके। इसके बावजूद किसी स्कूल में दुकानदारी शुरू हुई तो उस पर गाज गिरेगी। शिक्षा विभाग के आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी स्कूल अपने विद्यालय के अंदर बुक शॉप नहीं खोल सकता। किसी भी अभिभावक को केवल एक दुकान से वर्दी, पुस्तकें खरीदने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है।

गौरतलब है कि मार्च और अप्रैल माह में स्कूल प्रबंधकों की ओर से अभिभावकों को ठगने का काम शुरू हो जाता है। नए नए विज्ञापन जारी कर लोगों पहले भ्रमित किया जाता है और उसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। निजी स्कूल संचालकों द्वारा स्कूल में ही दुकानदारी चलाई जा रही है। स्कूल के द्वारा ही पुस्तकों का वितरण किया जाता है। वर्दी दी जाती है। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती है। जिन पुस्तकों का अंकित मूल्य 100 रुपये है और बाजार मूल्य 75 रुपये उसे स्कूल की ओर से 100 रुपये में ही बेचा जा रहा है। मजबूरी में अभिभावक इसे खरीद रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि ऐसा करना बिलकुल गलत है। इस प्रकार से अगर कोई स्कूल अभिभावकों को ठगता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखकर इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है।
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अभिभावक अधिकारियों को कर सकते हैं शिकायत
स्कूलों में दुकानदारी के खिलाफ कोई भी अभिभावक डीसी, एडीसी, एसडीएम, सीटीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग के निदेशालय में भी शिकायत की जा सकती है। जांच के बाद इन स्कूलों पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।


स्कूलों पर हो सकता है केस
ऐसे स्कूलों के खिलाफ कोई अभिभावक एसपी या संबंधित थाने में थाना प्रभारी के नाम शिकायत दे सकता है और स्कूल संचालक के खिलाफ केस दर्ज करवा सकता है। अगर कोई स्कूल इस प्रकार से अभिभावकों को ठग रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है और अभिभावकों को ठगने के आरोप में उसे सजा तक हो सकती है।


शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। खंड शिक्षा अधिकारी को साफ तौर पर कहा गया है कि अपने खंड के अधीन संचालित स्कूल की जांच करे। अगर कोई शिकायत आती है तो उसका तुरंत प्रभाव से निपटारा करे और जांच करें। कहीं कोई स्कूल संचालक पुस्तकें, स्टेशनरी, कापी आदि की बिक्री स्कूल में ही तो नहीं कर रहा या एक की दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर रहा है।


जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी
विभाग ने कहा है कि सारी जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी है। विद्यालय प्रबंधक को कहा गया है कि विद्यालय के अंदर पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों तथा वर्दी की सूची विद्यालय के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करें। बच्चों के नोट बुक पर भी अंकित करने को कहा गया है।


कीमत से अधिक दाम पर बुक की बिक्री गलत
इसमें कहा गया है कि अधिकतर स्कूल अंकित मूल्य पर ही पुस्तकें, स्टेशनरी, कापी व स्कूल वर्दी आदि बेचते हैं। जबकि बाजार मूल्य कुछ और होता है। अभिभावकों को इन वस्तुओं पर छूट भी प्रदान नहीं की जाती है। जो की गलत है अगर ऐसी शिकायत आती है तो तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।


हर हाल में करनी होगी नियमों की पालना : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने कहा कि स्कूलों के संचालकों को विभाग के निर्देशों की पालना हर हाल में करनी होगी। कोई स्कूल उल्लंघन करेगा तो कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा। इसके अलावा अन्य निर्देशों की पालना भी करनी होगी। कोई भी स्कूल संचालक स्कूल में किसी प्रकार की सामग्री बेचने के लिए दुकानदारी नहीं लगा सकता।
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