पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता लगातार जिलावासियों को सलाह दे रहें है किसी को भी मोबाइल पर अपना एटीएम कोड न बताएं और इसकी सूचना पुलिस को दें। एसपी की सलाह पर आम जनता तो अमल करती दिख रही है लेकिन पुलिस विभाग की एक महिला अधिकारी ने अपने कप्तान की सलाह नहीं मानी और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात महिला अधिकारी ने मोबाइल पर एक अज्ञात शख्स की बातों में आकर अपना एटीएम कोड उसे दे दिया। इसके कुछ देर बाद ही उक्त शख्स ने उसके खाते से हजारों रुपये की नगदी निकाल ली। कीर्तिनगर चौकी पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस विभाग में कार्यरत एएसआई गीता देवी की तैनाती पुलिस कंट्रोल रूम में है। दिनभर कंट्रोल रूम में कॉल सुनने वाली गीता देवी के मोबाइल फोन पर शुक्रवार को एक कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि वह एसबीआई बैंक का मैनेजर बोल रहा है, आपका खाता बंद कर दिया गया है। एएसआई गीता देवी ने कहा कि उसने खाता बंद नहीं करवाया, खुद को मैनेजर बताने वाला बोला कि लगता है गलती हो गई, परेशान मत होना प्लीज, खाता अभी दोबारा चालू कर देते हैं। कृपया अपना अकाउंट नंबर व एटीएम कोड बता दें। गीता देवी उसकी बातों में आ गई और अकाउंट नंबर व एटीएम कोड बता दिया।
एएसआई गीता देवी ने खाता चालू होने का आश्वासन मिलने पर राहत की सांस ली ही थी कि कुछ देर में ही मोबाइल पर एक एसएमएस आया। एसएमएस पढ़ते ही गीता देवी सन्न रह गई। एसएमएस में लिखा था कि अकांउट से दस हजार रुपये निकाले गए हैं, एटीएम सुविधा का इस्तेमाल करने पर आपका धन्यवाद। गीता देवी को समझ आया गया कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है। उसने तुरंत बैंक में फोन करके अकांउट बंद करवाया। इसके बाद पुलिस चौकी जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। जिस नंबर को कॉल आई थी उसकी लोकेशन जांचने पर पता चला कि वह झारखंड में चल रहा है। जांच अधिकारी महावीर सिंह का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता पिछले कई महीनों से मीडिया के माध्यम से जिलावासियों को बता रहे हैं कि देशभर में कई ठग गिरोह सक्रिय हैं। ये गिरोह लोगों को कभी लॉटरी निकलने, कभी टावर लगाने या बैंक अधिकारी बनकर एटीएम कोड पूछकर अपना शिकार बनाते हैं। जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। इस प्रकार की कोई भी कॉल आती है तो उसकी सूचना पुलिस को दें। ऐसे में एसपी की अपील की अनदेखी करना महिला एएसआई को महंगा पड़ गया।