संस्था बनाकर सिलाई, ब्यूटी पार्लर तथा कंप्यूटर कोर्स करवाने के नाम पर हजारों बेटियों से ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेशभर में मच रहे हाहाकार से जिला सिरसा भी अछूता नहीं। जिले भर में संस्था के पांच सौ केंद्र चल रहे थे। जिसकी मार्फत जिला से करीब 64 लाख 25 हजार रुपये की मोटी रकम जुटाई गई।
कुरूक्षेत्र की एक संस्था ने प्रदेश की हजारों बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का दावा करते हुए उन्हें तीन कलाओं में दक्ष करने का दम भरते हुए पूरे प्रदेश में अपने केंद्र खोले थे। इसी कड़ी में जिला सिरसा में उपरोक्त संस्था ने पांच सौ केंद्र खोले। एक केंद्र में तीन अध्यापक, 11 ग्रुप मेंबर तथा 20 विद्यार्थी रखे गए थे। प्रत्येक अध्यापक तथा ग्रुप मेंबर से 450-450 रुपये वसूल किए गए।
विद्यार्थी से 300 रुपये लिए गए। इस तरह प्रत्येक सेंटर से 12 हजार 300 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त उपरोक्त सेंटर इंचार्ज (जिसे एजेंट कहा जाता था) से 550 रुपये की रकम वसूली गई। उपरोक्त संस्था ने जिला सिरसा से करीब 64 लाख 25 हजार रुपये की मोटी रकम जुटाई। पूरे जिले में खंड डबवाली में सबसे ज्यादा सेंटर खोले गए थे।
डबवाली में सेंटर खोलने वाली एक युवती ने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2015 में संस्था के नुमाइंदे उनके पास आए थे। वह बेरोजगार थी। संस्था पदाधिकारियों ने उन्हें बताया कि केंद्र में ब्यूटी पार्लर शिक्षकों को 2000 रुपये, सिलाई प्रशिक्षक को 2500 रुपये तथा कंप्यूटर शिक्षिका को 3500 रुपये दिए जाएंगे। साथ में बिल्डिंग खर्च के तौर पर पांच सौ रुपये देने का आश्वासन दिया गया। सेंटर खोलने पर एजेंट को 1000 रुपये प्रति माह देने की बात कही थी। करीब दो से तीन माह केंद्र चले। जब टीचरों तथा ग्रुप सदस्यों ने पेमेंट मांगी तो संस्था के मुखियों ने अपने मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर लिए। आज तक उनका कोई अता-पता नहीं है।
जींद में हुई थी बैठक
संस्था से जुड़ी युवती ने बताया कि उसे नौकरी पत्र जारी किया गया था। संस्था के मुखिया ने कुछ माह पूर्व जींद में एक बैठक कॉल की थी। जिसमें प्रदेश के सभी एजेंट शामिल हुए थे। मुखिया ने अपनी बात रखने से पहले सभी एजेंटों के मोबाइल फोन बंद करवाकर एक बैग में जमा करवा दिए थे। तभी उन्हें संदेह होने लगा था कि कुछ गड़बड़ है। कुछ लोगों ने आवाज भी उठाई, लेकिन उन्हें चुप करवा दिया गया।
एक साल में पूरा करवाना था कोर्स
केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले विद्यार्थियों से तीन कोर्स करवाने के बदले पूरे साल के 300 रुपये वसूल किए गए थे। उन्हें दो माह तक प्रशिक्षण दिया गया। लेकिन कोर्स पूरा नहीं हुआ। जैसे ही संस्था का असली चेहरा सामने आया तो केंद्र फटाफट बंद होने लगे। ग्रुप मेंबर अब उपरोक्त केंद्र संचालकों से पैसा मांग रहे हैं।
सिरसा में खुला था मुख्यालय
सिरसा में संस्था ने अपना मुख्यालय खोला था। केंद्रों से नकद वसूली होती थी। जिला मुख्यालय पर पैसा इकट्ठा होने के बाद संस्था के चीफ तक पहुंचाया जाता था। चेन नेटवर्क सिस्टम से संस्था ने जिले भर में अपना जाल फैलाया था।
बेटियां हुईं ठगी का शिकार
संस्था ने बेटियों को टारगेट किया। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया। सेंटर चलाने तथा सेंटर में विद्यार्थी के रूप में करीब 90 फीसदी से ज्यादा बेटियां थी। जिला भर में करीब 500 एजेंटों समेत 1500 महिला अध्यापकों, 5500 ग्रुप सदस्य तथा 10 हजार बेटियां ठगी का शिकार हुई हैं।
कोर्ट को देंगे शिकायत
ठगी की शिकायत लेकर बेटियों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। रास्ता बंद होने के बाद न्याय के लिए बेटियां अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।