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15 मिनट के अंदर नशे की हो जाती है डिलीवरी

Mon, 28 Mar 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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नश्‍ाा - फोटो : Bureau
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जिले को एक तरफ ड्राई सिटी घोषित करवाने को लेकर धर्म गुरुओं का प्रयास जोर-शोर से जारी है। वहीं दूसरी ओर यहां नशे का कारोबार भी खूब फल-फूल रहा है। शराब, गांजा, अफीम, चूरा पोस्त, स्मैक, हेरोइन सहित अन्य मादक पदार्थों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। जिले का युवा वर्ग नशे की चपेट में आकर बर्बाद हो रहा है। बावजूद इसके मौत के इस कारोबार पर पुलिस लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है।
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अब तो यहां नशे की होम डिलीवरी भी शुरू हो गई है। एक कॉल करने के 15 मिनट बाद माल बताई जगह पर पहुंच जाता है। शहर में 31 वार्ड हैं और सभी में शराब की तस्करी चरम पर है। अंग्रेजी हो या देसी, ठेके से 30 से 40 प्रतिशत कम रेट पर सप्लाई हो रही है। इसके लिए भी पीने वाले को बस एक कॉल कर ब्रांड बताना पड़ता है। दस से 15 मिनट में बताए गए पते पर शराब की बोतलें पहुंचा दी जाती हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कारोबार से जुड़े गिरोह ने शिक्षण संस्थानों में पढने वाले और बेरोजगार युवाओं को अपना एजेंट बने रखे हैं। एक पेटी पहुंचाने पर ढाई सौ से लेकर पांच सौ रुपये मिल जाते हैं।

ऊपर से पीने के लिए फ्री। धंधे से जुड़े एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा नहीं कि पुलिस को इस धंधे की भनक नहीं है। संबंधित पुलिस चौकियों में जो पुलिस वाले शराब पीते हैं उनके लिए फ्री में शराब और कमीशन बंधा हुआ है। जब पुलिस पर धरपकड़ का दबाव आता है तो तीन चार केस अपने लोगों पर दर्ज करवा लिए जाते हैं। जल्द ही बेल भी मिल जाती है। पूरा धंधा सेटिंग से चलता है।
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स्मैक पीने वालों बढ़ी तादाद
इन दिनों स्मैक पीने वाली की तादाद में काफी  वृद्धि हुई है। यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसका नशा
करने वाले स्वयं इस धंधे में लिप्त हो रहे हैं ताकि उनके  नशे की पूर्ति होती रहे। आए दिन नशे की लत में एक नया युवा जुड़ रहा है। यह धंधा शहर में मजबूती से अपनी जड़ें जमा रहा है। पुलिस ने कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की लेकिन उसका कुछ असर होता नहीं दिख रहा है।

दो राज्यों की सीमा से जुड़ना है मुफीद
सिरसा में नशीले पदार्थों की तस्करी का मुख्य कारण यह भी है कि ये जिला पंजाब और राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। राजस्थान से अफीम व चूरा पोस्त सिरसा में लाई जाती है। यहां से इसे हरियाणा और पंजाब में सप्लाई कर दिया जाता है। इसके अलावा हेरोइन, नशीली दवा व गांजे की तस्करी भी खूब हो रही है। सबसे ज्यादा हालत डबवाली, कालांवाली व रानियां विधान सभा क्षेत्र की खराब है। डबवाली व कालांवाली क्षेत्र तो नशीली दवाइयों और इंजेक्शन के कारोबार के अड्डे बन गए हैं। समय रहते नकेल नहीं कसी गई तो नशे के गिरफ्त में आने वाले युवाओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

45 किलोग्राम अफीम व 1500 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त
नशा कारोबारियों के खिलाफ जिला पुलिस के विशेष अभियान में पिछले वर्ष से लेकर आज तक 45 किलोग्राम अफीम व 1500 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त किया जा चुका है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत करीब 350 मामले दर्ज किए। तस्करों से पुलिस ने 125 ग्राम स्मैक ,200 ग्राम हेरोइन व 60 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसके अलावा करीब 660 लोगों पर शराब तस्करी का केस दर्ज किया और 23 हजार देसी शराब व  पांच हजार अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद की हैं। तीन दिन पहले ही पुलिस  ने हिसार रोड से एक ट्रैक में लदी करीब 950 अंग्रेजी शराब की बोतलें जब्त की।

जी-जान से जारी है प्रयास
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए जी-जान से प्रयास जारी है। हर रोज शराब व मादक पदार्थ तस्करों को पुलिस दबोच रही है। पुलिस ने भारी मात्रा में शराब बरामद करके तस्कर को काबू किया। जिले भर में पुलिस गश्त तेज की दी गई है। इसके अलावा मुखबिरों का जाल भी बिछाया जा रहा है। इसके सार्थक  परिणाम आने शुरू हो गए हैं।
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सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता
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